फोटो सहित..........
डोभी और गड़सा साइटों पर रोक लगने से पीज में बढ़ी सैलानियों की हलचल
साहसिक गतिविधियों से जिले के हजारों युवाओं को मिल रहा है रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले की पीज पैराग्लाइडिंग साइट में एक सप्ताह से रौनक बनी हुई है। यहां रोज करीब 100 पैराग्लाइडर उड़ रहे हैं। साहसिक पर्यटन से जुड़े युवाओं को घर द्वार ही रोजगार मिल रहा है। पीज पैराग्लाइडिंग साइट में साहसिक गतिविधियों में आए एकाएक उछाल से जिला मुख्यालय के होटलों में ऑक्यूपेंसी बढ़ी है।
सोमवार सुबह से लेकर शाम तक पैराग्लाइडिंग का दौर चलता रहा। इससे पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। पर्यटन विभाग कुल्लू की सख्ती के बाद डोभी और गड़सा साइट में पैराग्लाइडिंग पर रोक लगा दी है। कई ऑपरेटर नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। इस पर पर्यटन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए फिलहाल गतिविधियों को बंद किया है।
यही कारण है कि पीज साइट पर पैराग्लाइडिंग के लिए सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है। इससे पहले यहां दिन में 10 से 15 ग्लाइडर ही उड़ान भरते थे। जिले में साहसिक गतिविधियों से करीब 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। इसमें पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग मुख्य रूप से शामिल है। जिला पर्यटन अधिकारी सुनयना शर्मा ने कहा कि जब तक पैराग्लाइडिंग साइटों पर एयर मार्शल की तैनाती नहीं होती तब तक डोभी और गड़सा में रोक रहेगी। एयर मार्शल साइटों में जाकर इसकी निगरानी करेंगे। संवाद
....
3500 रुपये में सात मिनट की उड़ान
पीज साइट में सैलानी 3,500 रुपये में सात मिनट की उड़ान भर रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक यहां मानव परिंदों को उड़ते हुए देखा जा सकता है। पर्यटन विभाग ने पैराग्लाइडिंग के लिए प्रति व्यक्ति 3,500 रुपये शुल्क का निर्धारण किया है।