संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू/खराहल/मनाली। जिले में लोगों को तीन माह से चल रहे सूखे जैसे हालातों से निजात मिल गई है। कुल्लू में सोमवार रात 12:00 बजे से झमाझम बारिश हुई, जो करीब 15 घंटे तक जारी रही।
बारिश खासकर सेब, टमाटर के लिए संजीवनी का काम करेगी। बागवानों का कहना है कि बारिश से सेब के आकार के साथ रंगत और गुणवत्ता में वृद्धि होगी। टमाटर, गोभी, शिमला मिर्च और मक्की की बिजाई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी भी बन गई है। जिला कुल्लू में करीब 30 हजार हेक्टेयर भूमि पर सेब की पैदावार हो रही है।
75 हजार परिवार प्रत्यक्ष रूप से सेब कारोबार से जुडे़ है। मार्च, अप्रैल और मई का आधा से ज्यादा महीने में बारिश नहीं होने से बागवानी और कृषि पर नकारात्मक असर पड़ने लगा था। इससे कुल्लू जिले में कृषि को 42 करोड़ का नुकसान हुआ है। बागवानी को भी अंधड़ और ओलावृष्टि से करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा था। बारिश होने से बगावानों और किसानों के चेहरों पर रौनक आई आ गई है। घाटी के बागवान प्रताप पठानिया, महेश शर्मा, ज्ञान ठाकुर, रविंद्र शर्मा, चमन ठाकुर व चंदे राम आदि ने कहा कि करीब तीन माह से बारिश नहीं होने से सेब ,प्लम, आड़ू, नाशपाती फल को नुकसान हो रहा था। कहा कि फल भी सूखे की वजह से पौधों से गिर रहे थे। ऐसे में बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। अब बारिश सेब और अन्य फलों के लिए लाभदायक रहेगी। इससे फलों का साइज और रंग बेहतर आएगा।
समय पर कर सकेंगे खरीफ फसल की बिजाई
कृषि विभाग के उपनिदेशक पंजवीर ठाकुर ने कहा कि बारिश से नगदी फसलों सहित मक्की की बिजाई के लिए पर्याप्त नमी बन गई है। किसान समय पर खरीफ फसल की बिजाई कर सकेंगे। बारिश सभी तरह की फसल के लिए वरदान साबित होगी।
फलों की आकार, गुणवत्ता बढ़ेगी
बागवानी विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि बारिश से सेब और नाशपाती की गुणवत्ता और आकार बेहतर होगा। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है कि सेब को बागवान समय सारिणी के अनुसार ही छिड़काव करें और अनुमोदित दवा की ही बगीचों में स्प्रे करें।