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बादल फटने से मची अफरातफरी

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कुल्लू में लोरन से आए मलबे को हटाने में जुटी जेसीबी। - फोटो : Kullu
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। धार्मिक नगरी मणिकर्ण में ब्रह्मगंगा नाले की पहाड़ी पर बादल फटने से आई बाढ़ में चार साल के मासूम सहित तीन लोग बह गए, जबकि ब्रह्मगंगा पावर प्रोजेक्ट का एक कर्मचारी लापता है। बाढ़ में बहने वालों में गाजियाबाद की एक युवती भी शामिल है। बादल फटने के बाद बुधवार सुबह करीब 6:15 बजे ब्रह्मगंगा नाले में अचानक बाढ़ आ गई। नाले में भारी बारिश के चलते विकराल रूप धारण कर लिया। इस बीच नाले के साथ लगते कई घरों में पानी घुस गया।
नाले का रौद्र रूप देखकर यहां पर अफरातफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। लेकिन चार लोग सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच सके। ऐसे में पूनम (26), पत्नी रोहित कुमार निवासी ब्रह्मगंगा, डाकघर मणिकर्ण, निकुंज (4), पुत्र रोहित कुमार, निवासी ब्रह्मगंगा, डाकघर मणिकर्ण, जिला कुल्लू और विनिता (25), पुत्री विनोद कुमार, निवासी गाजियाबाद बाढ़ में बह गए। बताया जा रहा है कि गाजियाबाद की विनिता ब्रह्मगंगा में कैंपिंग साइट में मैनेजर थी। उसने अपने एक सहयोग को बचान लिया। लेकिन खुद बाढ़ की चपेट में आ गई। इसके अलावा विरेंद्र पुत्र तीर्थ राम, निवासी शांगणा, डाकघर मणिकर्ण, कुल्लू लापता है। सूचना मिलते ही प्रशासन व पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। बाढ़ की चपेट में एक कैंपिंग साइट भी आई है। मणिकर्ण पंचायत की प्रधान यौवनलता ने कहा कि ब्रह्मगंगा नाले में आई बाढ़ के चलते भारी नुकसान हुआ है। इसमें जानमाल की क्षति भी हुई है। एक कैंपिंग साइट को नुकसान हुआ। उधर, इस संबंध में पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने कहा कि छोटे बच्चे समेत कुल तीन लोग बाढ़ में बह गए हैं। शांगणा गांव का एक व्यक्ति लापता है। बाढ़ में बहने वालों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि भुंतर-मणिकर्ण सड़क पर कुछ जगहों पर पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। बारिश की आशंका के चलते लोगों को नदी-नालों से दूर रहने को कहा गया है।
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दो घरों में घुसा मलबा, साढ़े चार बीघा भूमि बही
ब्रह्म गंगा नाले में बादल फटने से दो घरों में मलबा घुस गया। इससे घर का सारा सामान खराब हो गया है। निजी भूमि पर बनी कैंपिंग साइट, जिसमें 12 टेंट, बिस्तर, रसोईघर का सारा सामान भी बह गया। करीब साढ़े चार बीघा भूमि भी बाढ़ में बह गई है। इसमें कुछ सेब के पेड़ भी थे।
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