कुल्लू। एक दशक से लगातार गिर रहे सेब के उत्पादन से परेशान जिले के 75 हजार बागवानों के चेहरे इस बार खिल गए हैं। जनवरी माह से लेकर अभी तक तीसरी बार हुई बर्फबारी सेब के लिए संजीवनी का काम करेगी। सेब के बगीचों में बर्फबारी सोना पैदा होगा।
बर्फबारी से 31 हजार हेक्टेयर में लगे सेब के बगीचों में चिलिंग आवॅर्स पूरे होंगे। इससे बगीचों में पनपने वाली बीमारियों का भी खात्मा होगा। सेब के उम्दा उत्पादन के लिए बर्फबारी को वरदान माना जाता है। एक माह में तीन बार हुई बर्फबारी ने जिले की सेब बेल्ट को छुआ है। बर्फबारी से बागवानों के साथ बागवानी विभाग के विशेषज्ञ भी गदगद हो उठे हैं। जिले में इन दिनों सेब के बगीचों में तोलिये बनाने, प्रूनिंग, खाद-गोबर डालने तथा नए बगीचे लगाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस सर्दी में मौसम बागवानों पर पूरी तरह से मेहरबान हो गया है। बागवान उगम राम, निका राम, उतम सिंह, बेली, राम, धर्म सिंह, बालक राम तथा तेज राम ने कहा कि बर्फबारी से सेब में लगने वाले कीट व अन्य बीमारियां समाप्त हो जाएंगी। बर्फबारी ने सेब के बगीचों में जान फूंक दी है और पर्याप्त नमी से अच्छी पैदावार होगी। बागवानी उपनिदेशक कुल्लू डॉ. बीएम चौहान ने कहा कि बागवानी के लिए बर्फबारी टॉनिक का काम करेगी। उन्होंने कहा कि लंबे अरसे के बाद बागवानी के लिए मौसम अनुकूल चल रहा है। संभवत इस बार अच्छी पैदावार की संभावना है। संवाद
सेब का लगातार गिर रहा उत्पादन
कुल्लू जिले में सेब का उत्पादन लगातार गिर रहा है। खासकर एक दशक में अधिकतर फसल का उत्पादन अपेक्षा से कम हुआ है। जिला कुल्लू में सेब की 75 से 80 लाख पेटियों की पैदावार से अच्छा उत्पादन रहता है। हालांकि जिले में सेब की करीब एक करोड़ पेटियों के उत्पादन की क्षमता है।
बाक्स
साल सेब उत्पादन पेटियों में
2016 45 लाख
2017 48 लाख
2018 35 लाख
2019 75 लाख
2020 48 लाख
2021 55 लाख