टैक्सियों से धार्मिक नगरी पहुंचने को मजबूर, स्थानीय लोग भी उठा रहे दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू की धार्मिक और पर्यटन नगरी मणिकर्ण पहुंचना यात्रियों के लिए आफत बन गया है। भुंतर से मणिकर्ण और बरशैणी के लिए जाने वाली बसें जरी से आगे नहीं भेजी जा रही हैं। ऐसे में पार्वती घाटी के स्थानीय लोगों के साथ मणिकर्ण जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सैकड़ों लोगों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को या तो पैदल ही मणिकर्ण की ओर प्रस्थान करना पड़ रहा है या फिर टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है।
इससे पहले भुंतर से जरी पहुंचना भी आफत बना हुआ था। करीब नौ माह पहले जुलाई में आई प्राकृतिक आपदा में भुंतर-मणिकर्ण मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है। मार्ग को अभी तक पूरी तरह से दुरुस्त नहीं किया गया है। संकरी सड़क होने के कारण जरी तक पहुंचने से पहले कई घंटों का जाम लग रहा है।
जाम में फंसने के बाद स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मणिकर्ण जाने के लिए फिर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घाटीवासी विजय सूद, बलदेव, मोहित, आकाश, अंशुल, राकेश, रजनीश ने कहा कि जरी से आगे बसों को नहीं भेजा रहा है। इससे लोगों और पर्यटकों को परेशानी हो रही है। अगर बसें मणिकर्ण तक चलेंगी तो परेशानी कम होगी। संवाद