कुल्लू। जिले में होली पर्व पर पथ परिवहन निगम और निजी बसें करीब 150 रूटों पर नहीं दौड़ीं। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बस सुविधा न मिलने से कई मील पैदल सफर करना पड़ा। हालांकि, स्कूली बच्चों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए सुबह के समय दस बजे तक बसों का संचालन किया गया, लेकिन दोपहर और शाम के समयसारिणी के अनुसार बसें नहीं चलीं।
जिला कुल्लू में एक दिन पहले होली मनाई जाती है। स्कूलों और कार्यालयों में छुट्टी नहीं होती है। वहीं, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तय शेड्यूल के हिसाब से वीरवार को छठी, सातवीं और नौवीं कक्षा की परीक्षाएं थी। सुबह के सत्र में छठी और सातवीं, दोपहर के सत्र में नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने परीक्षा दी।
बसें न चलने के कारण स्कूली बच्चों को स्कूल तक पैदल ही पहुंचना पड़ा और परीक्षा देने के बाद भी उन्हें पैदल घर तक चलना पड़ा। शाम के समय कर्मचारियों को भी बसों की समस्या से दो-चार होना पड़ा। सवारियों को बस अड्डा और बस स्टॉपों पर बसों का लंबा इंतजार करना पड़ा है। रामकृष्ण, सोहन लाल, मोनिका, रमन, अदिति ने कहा कि होली के दिन बसें न चलने से परेशान होना पड़ा। टैक्सी और ऑटो को किराया देकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा है। इस संबंध में निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष रजत जंबाल ने कहा कि करीब 50 रूटों पर ही होली पर्व के दिन बसों का संचालन किया गया है। अधिकतर रूट बंद रखे गए। उधर, निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बसों को समायोजित कर रूटों पर भेजा गया।