संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में ब्यास की धारा पर रिवर राफ्टिंग के साथ पैराग्लाइडिंग, स्नो स्कूटर और माउंटेन बाइक सहित अन्य साहसिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। इससे जिले के शाढ़ाबाई से मनाली तक साहसिक गतिविधियों की साइटों पर सन्नाटा पसर गया है। बुधवार को कमेटी ने डोभी का दौरा किया और पैराग्लाइडिंग के दस्तावेजों की जांच की।
हाईकोर्ट ने सूबे में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग सहित 26 तरह की गतिविधियों पर रोक लगाकर इसकी जांच शुरू कर दी है। साहसिक गतिविधियों से हो रहे हादसे रोकने के लिए हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। इसकी जांच के लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के सदस्यों ने साहसिक गतिविधियों की करीब एक दर्जन साइटों पर दबिश दी है। जिला कुल्लू में करीब 520 राफ्ट, 500 पैराग्लाइडिंग, 300 स्नो स्कूटर और करीब 300 माउंटेन बाइक हैं। इनसे हजारों लोगों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार जुड़ा है। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि बुधवार को डोभी में पैराग्लाइडिंग के दस्तावेज जांचे गए हैं। जिनके कागजात पूरे होंगे, उन्हें साहसिक गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। जिनका पंजीकरण नहीं है या फिर कोई दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें समय दिया जाएगा। तब तक अनुमति नहीं दी जाएगी। मनाली पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्रपाल ने कहा कि कमेटी ने मनाली में पैराग्लाइडिंग के साथ स्नो स्कूटर और माउंटेन बाइक पर रोक लगा दी है।
राफ्टों की पासिंग के लिए तिथि तय करने की मांग
रिवर राफ्टिंग एसोसिएशन कुल्लू का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को उपायुक्त से मिला और राफ्टिंग की पासिंग की तिथि निर्धारित करने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम अत्री ने कहा कि ब्यास में राफ्टों पर रोक से सैकड़ों लोगों का रोजगार छिन गया है। कोरोना के कारण रिवर राफ्टिंग की राफ्टें पास नहीं हो सकी थीं। अब राफ्टिंग बंद होने से उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।