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अमेरिका की 25 नई वैरायटी के सेब पौधे बागवानों को बांटे जाएंगे

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कुल्लू जिला में बगीचों में ऑयल स्पे करने में जुटा बागवान।-संवाद - फोटो : Kullu
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कुल्लू। कुल्लू घाटी के बगीचों में इटली नहीं, अब अमेरिका के सेब पौधे तैयार किए जाएंगे। विदेशी सेब के पौधे मात्र तीन साल में फल देना आरंभ कर देते हैं। प्रदेश सरकार के सहयोग से बागवानी विभाग ने अमेरिका से विभिन्न 25 नई प्रजाति के 13319 पौधे मंगवाए हैं, जो प्रदेश के सिरमौर जिले में पहुंच गए हैं। मौसम साफ होते ही पौधों को कुल्लू लाया जाएगा।
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यह प्रति पौधों बागवानों को सब्सिडी के साथ 400 रुपये में मिलेगा। अमेरिका की किस्म से सेब की पैदावार भी अधिक होगी और साथ ही ये पौधे बीमारी रोधक भी हैं। सेब की इन किस्मों से मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पैदावार होगी। इन नई
प्रजाति के कुल्लू पहुंचने के बाद बागवानों को वितरण कुल्लू, नग्गर, बंजार और आनी के एसएमएस कार्यालयों को किया जाएगा। जिसके बाद बागवानों को वितरण शुरु किया होगा। अब बागवान भी अमेरिका पौधे को बगीचों में लगाकर अपनी आय को भी बढ़ा सकेंगे। जिसका फायदा 75 हजार बागवानों को मिलेगा।
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अमेरिका सेब की 25 नई प्रजाति के पौधे
अमरिकी किस्मों में रेड कामियों, जिनगर गोल्ड, गिब्सन गोल्डन, मनूचरेण करब, येलो न्यूटन, क्मीयू क्रीमसन रेड ब्राबम, रूबीन स्टार जोना गोल्ड, बाइजेंट, रोयल रेड हनी क्रिस्प, प्रीमायर हनी क्रिस्प, हनी क्रिस्प, अमब्रोजा, सचरेक्ट सुपर रेड डिलियश्स, क्रिमसन टोपाज, गोल्डन डिलिश्यस, अटजेक फूजी, अटजेक फूजी डीटीटू, सुपर चीफ, प्रीमायर हनी क्रिस्प, क्रिमसन क्रिस्प, इंटरप्राइज, गाला कल्टीबर, डे-ब्रेक फूली, क्रोन इंपायर व गाला-गाला माइगा वैरायटी शामिल है।
400 रुपये में मिलेगा अमरिकी पौधा
यह पौधों बागवानों सबसिडी के साथ 400 रुपये में दिया जाएगा। यह पौधे इसलिए महंगे हैं, क्योंकि इनकी पैदावार अधिक होने के साथ-साथ गुणवत्ता और आकार अच्छा होने पर सेब की अंतरराष्ट्रीय मांग ज्यादा होती है। इस कारण सेब की कीमत भी ज्यादा होती है।
इटली से जो सेब पौधे मंगवाए जाते थे, उनकी पैदावार कम होती है। बागवानी विभाग कुल्लूू के उपनिदेशक डॉ. बीएम चौहान ने बताया कि अमेरिका से 25 नई सेब प्रजाति के पौधे मंगवाए गए हैं, जो हिमाचल के सिरमौर पहुंच गए है। यह पौधे मौसम साफ होते ही जल्द कुल्लू पहुंचेंगे। इसके बाद बागवानों को वितरण किया जाएगा।
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