उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की लाहौल घाटी के एकमात्र पेट्रोल पंप छुरपक में पेट्रोल 110 और डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के पास पहुंच गया है। रविवार को पंप पर पेट्रोल के दाम 108. 75 तथा डीजल 99.05 रुपये प्रति लीटर रहे।
पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के दाम बढ़ने से वाहन चालकों, किसानों, बागवानों और गृहणियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेल की बढ़ती कीमतों से हर वर्ग के लोग परेशान हैं। बता दें कि लाहौल में पेट्रोल ने शतक लगाया है। डीजल भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। डीजल महज 95 पैसे दूर चल रहा है। बेलगाम महंगाई की मार से केवल वाहन मालिक ही नहीं, किसान-बागवान व आम जनता भी प्रभावित हो रही है। मालवाहक वाहनों के किराये में भी रोजाना वृद्धि हो रही है। आधुनिकता के इस दौर में कृषि एवं बागवानी के लगभग सभी कार्य मशीनीकरण पर ही निर्भर है। उपकरणों को चलाने के लिए पेट्रोल-डीजल की जरूरत रहती है। लेकिन तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण किसानों-बागवानों की दिक्कतें भी बढ़ी है। इसके अलावा रसोई गैस के बढ़ते दाम गृहणियों के लिए परेशानी बन गया है। लोग महंगाई को लेकर केंद्र सरकार को कोसने लगे हैं। त्रिलोकनाथ की राम देवी ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। चंद्रावैली की सुमन और संगीता ने कहा कि रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने घर का सारा बजट बिगाड़ दिया है। उधर, पट्टन घाटी के रमेश लाल और वीर सिंह ने कहा कि लाहौल घाटी में 80 फीसदी के करीब लोग कृषि एवं बागवानी पर निर्भर हैं। कृषि व बागवानी के कार्यों में अब उपकरणों का उपयोग अधिक हो रहा है। उपकरणों को चलाने के लिए किसानों-बागवानों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।