कुल्लू। जिले की खनाग पंचायत की महिलाओं की ओर से तैयार किए गए उत्पादों को बेचने के लिए ठिकाना नहीं मिल रहा है। इसके लिए उन्हें ठोकरें खानी पड़ रही हैं। सरकार और प्रशासन स्थायी ठिकाना नहीं दे पाए हैं। यह समस्या अप्रैल से चल रही है।
वीरवार को करीब 40 से अधिक महिलाएं उपायुक्त कुल्लू के कार्यालय पहुंचीं और अपनी समस्या रखी। यहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। उन्हें एसडीएम आनी के पास भेजा गया। 10,280 फुट ऊंचे जलोड़ी दर्रा को पार कर 90 किलोमीटर का सफर कर उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश से मिलने पहुंचीं महिलाओं ने कहा कि उन्हें प्रशासन स्थायी जगह दे ताकि वे अपने हाथों से बनाए गए उत्पादों को बेच कर आत्मनिर्भर बन सकें।
कांता देवी, अनीता देवी, लता देवी, विमला देवी, देवलता, सुनीता, कमला देवी, सरसा देवी और डोलमा देवी ने कहा कि वे उत्पादों को बेचने के लिए जलोड़ी जोत में रेहड़ी-फड़ी लगाती हैं। उन्हें बार-बार प्रशासन और वन विभाग की ओर से परेशान किया जा रहा है। वे उत्पादों को बेचकर रोजी रोटी कमाती हैं और अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं।
उन्होंने कहा कि जब वे जलोड़ी जोत में सामान बेचने के लिए बैठती हैं तो वन विभाग की टीम उठा देती है। जलोड़ी जोत में बनी मार्केट और पार्किंग के पास रेहड़ी-फड़ी लगाती हैं तो उन्हें यहां से भी उठा दिया जाता है। कहा कि वे शासन और प्रशासन से कई बार अपनी मांगों को रख चुकी हैं परंतु कोई हल नहीं निकल रहा है। उन्होंने उपायुक्त कुल्लू से स्थायी जगह देने की मांग की है।
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महिलाएं उनसे पहले भी जलोड़ी दर्रा में मिल चुकी हैं। उन्हें जोत के पास रेहड़ी फड़ी न लगाने के लिए कहा गया है। उन्हें मार्केट के आसपास जगह दी जाएगी। महिलाओं को एसडीएम आनी से मिलने को कहा है।
-तोरुल एस रवीश, उपायुक्त कुल्लू