दिल्ली में प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में संसद पर हमला करने वाले आतंकी अफजल गुरू का महिमामंडित कार्यक्रम और देश विरोधी नारेबाजी के बाद प्रदेश में एबीवीपी उग्र हो गई है। इसी कड़ी में परिषद के कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। वहीं इस मौके पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ढालपुर में जहां वामपंथी संगठनों के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं इनके नेताओं के पुतले भी जलाए गए।
इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए परिषद के जिला संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह ने कहा कि वामपंथी समर्थित संगठनों ने भारत की बर्बादी, कश्मीर की आजादी और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। जो देश की प्रभुसत्ता, अखंडता और एकता के लिए खतरा बना हुआ है। वामपंथी संगठन कैसी आजादी चाहते हैं। क्या उन्होंने 1947 से लेकर अब तक आजादी मिली है? उन्होंने कहा कि जेएनयू में हुई यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी वहां याकूब मेमन की फांसी का विरोध किया गया। जो देश के लिए एक भयानक समस्या बन गई है।
एबीवीपी ने मांग की है कि देश द्रोही गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो परिषद आंदोलन और उग्र करने को मजबूर होगी। इस मौके पर जिला संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह, पूर्व इकाई अध्यक्ष रमेश विष्ट ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। रैली के दौरान ढालपुर में काफी संख्या में छात्र छात्राओं ने भाग लिया।