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सब्जी मंडियों में फूलगोभी की धमाकेदार दस्तक

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुल्लू। बागवानी के साथ जिला कुल्लू सब्जियों के उत्पादन के लिए भी मशहूर है। जिले की स्थानीय मंडियों में फूलगोभी ने धमाकेदार दस्तक दी है। इस बार किसानों को गोभी का रिकॉर्ड 45 रुपये प्रति किलो रेट मिल रहा है।
पिछले साल गोभी दो से 10 रुपये किलो तक बिकी थी। जिले में हजारों किसान सब्जी का उत्पादन कर रहे हैं। जिला कुल्लू के बंदरोल व भुंतर सब्जी मंडियों में फूलगोभी की खेप पहुंचनी शुरू हो गई है। बंदरोल में शुक्रवार को गोभी के अच्छे दाम मिले। इस साल सूखे के कारण फूलगोभी का उत्पादन कम है। इसके बाद भी किसानों को उम्दा दाम मिल रहे हैं। जून में सब्जियों का सीजन गति पकड़ेगा।
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जिले में बंजार से लेकर मनाली तक गोभी की खेती बड़े पैैमाने पर की जाती है। किसान मोहर सिंह, राकेश, प्रकाश चंद, राजू तथा पवन ने कहा कि बारिश नहीं होने से गोभी की पैदावार कम हुई है। उन्होंने कहा कि जो फसल हुई है, उसके लिए भी मुश्किल से सिंचाई का जुगाड़ किया है। कुल्लू-लाहौल-स्पीति कृषि उपज मंडी समिति के सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि जिले में फूलगोभी का सीजन शुरू हो गया है। बंदरोल व भुंतर सब्जी मंडी में गोभी पहुंच रही है। गोभी का भाव शुक्रवार को 45 रुपये किलो रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल सूखे की वजह से उत्पादन कम है। ऐसे में किसानों को उनके उत्पाद को उम्दा रेट मिलेगा।
जिला कुल्लू में फलों के बाद सब्जी में फूलगोभी का उत्पादन सबसे अधिक होता है। बंजार, सेंज, खराहल, भुंतर, गड़सा, बजौरा, पतलीकूहल, मौहल, मणिकर्ण तथा लगवैली में समेत कई इलाकों में गोभी का उत्पादन किया जाता है। पिछले साल जिले में गोभी की बंपर फसल होने से मंडियों में शुरूआत भाव दो रुपये मिला। इसके बाद रेट पांच और दस रुपये तक पहुंचा।
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बारिश के अभाव से फूलगोभी को नुकसान
जिला कुल्लू में सिंचाई की सुविधा सीमित होने से अधिकतर किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं। इस साल बारिश नहीं होने से रबी की सफल को भी नुकसान हुआ है। बारिश के अभाव से जिले में करीब 40 फीसदी तक फूलगोभी को नुकसान हुआ है।
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