शाम को शुभ मुहूर्त के अनुसार 5:57 बजे से 7:11 बजे के बीच अपने घरों में करवा पूजा की और चंद्रोदय के बाद व्रत का पारण किया। इसके बाद महिलाओं ने थाली बांटने की रस्म निभाई और अपनी सास, जेठानी और ननदों के लिए रखा हुआ बायना (करवा) देकर उनका अर्शीवाद प्राप्त किया। व्रत खोलने के बाद शहर के रेस्तरां, होटलों में विवाहित जोड़ों का जमावड़ा लगा रहा। देर रात तक शहर में चहल पहल देखने को मिली। शहर के होटलों में भी करवाचौथ पर रौनक रही। पर्यटन विकास निगम ने होटलों में ठहरने के लिए जोड़ों को छूट की सुविधा दी। होटलों में जोड़ों के बीच कई आर्कषक प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं।
वहीं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी पत्नी संग करवा चौथ का पर्व मनाया।
बिलासपुर में भी सुहागिनों ने मनाया करवा चौथ, पति की लंबी उम्र की मांगी दुआएं
पति की लंबी उम्र और परिवार में खुशहाली की कामना के साथ जिले भर की सुहागिन महिलाओं ने शुक्रवार को करवा चौथ का पर्व बड़े उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया। महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखा और 16 श्रृंगार, मेहंदी, श्रृंगारिक आभूषण और पारंपरिक पोशाकों में सज-धज कर अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की। शाम होते ही सुहागिनों की निगाहें आसमान की ओर थीं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह रात करीब 9 तो कई जगह रात 9:30 बजे धुंधले अंधेरे में जैसे ही चांद का दीदार हुआ, महिलाओं के चेहरे प्रसन्नता से खिल उठे।
वहीं बिलासपुर शहर की कई सुहागिनें अपने पतियों के साथ चांद का दर्शन करने शहर से बाहर चांदपुर पुल पर पहुंचीं। यहां 8:45 बजे ही चांद का दीदार हुआ। सुहागिनों ने चांद को अर्घ्य देने के बाद पतियों को तिलक लगाया और आरती उतारी। इसके बाद पतियों ने अपने हाथों से पत्नियों को पानी पिलाया और मिठाई खिलाकर व्रत खोलवाया। इस दौरान पतियों और पत्नियों के चेहरे पर संतोष और खुशियों की झलक साफ दिखाई दे रही थी। सुबह से ही घरों में तैयारियों का दौर शुरू हो गया था।
महिलाएं पारंपरिक पोशाक, सोलह श्रृंगार और मेहंदी में सज-धज कर तैयार हुईं। घरों में तरह-तरह के स्वादिष्ट पकवान बनाए गए। नई बहुओं को उपहार देकर उनके सौभाग्य और घर में सुख-शांति की कामना की गई। घर की छतों पर और मंदिरों में चांद का दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं। शहर के मोहल्लों में सामूहिक पूजा और रंग-बिरंगी सजावट ने करवा चौथ की भव्यता और बढ़ा दी। विभिन्न मोहल्लों में सुहागिनों का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाएं अपने पतियों के हाथ पकड़कर, उनके सुख-समृद्ध जीवन की कामना करती नजर आईं। करवा चौथ ने पूरे शहर में प्रेम, भक्ति और पारिवारिक सौहार्द का संदेश दिया।