धर्मशाला। नई शिक्षा नीति 21वीं सदी के भारत का रास्ता बनाने वाली नीति है। इस नीति में कौशल, प्रौद्योगिकी, आकलन, मूल्यांकन के साथ-साथ बच्चों को किताबों के बोझ से अलग व्यावहारिक शिक्षा पर जोर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश पूरे देश में नई शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला पहला प्रदेश बना है। यह बात रेखा कपूर उपनिदेशक उच्च शिक्षा कांगड़ा ने शनिवार को अरविंद सोसायटी की ओर से आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित जिला स्तरीय वेबिनार में कही।
वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं।
वहीं अरविंद सोसायटी के जिला समन्वयक मानव प्रदीप ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 पर जिला कांगड़ा के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए एक ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपनिदेशक, उच्च शिक्षा कांगड़ा रेखा कपूर और उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कांगड़ा मोहिंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि जिला परियोजना समन्वयक विनोद चौधरी और एनईपी टास्क फोर्स हिमाचल प्रदेश के सदस्य डॉ. जोगिंद्र सिंह मौजूद रहे। इन सभी शिक्षा अधिकारियों के साथ सभी ब्लॉक के प्राथमिक और उच्च शिक्षा के बीआरसीसी सहित लगभग 6000 से ज्यादा शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। सोसायटी के राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रमुख अशोक शर्मा ने बताया कि अरविंद सोसायटी पूरे देश के शिक्षकों को एनईपी-2020 पर प्रशिक्षण देने का काम कर रही है। शर्मा ने कहा कि शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि उन्हें ही यह जमीनी स्तर तक लागू करनी है। वहीं विनोद चौधरी डीपीओ कांगड़ा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग इस आपदा के दौर में भी सभी बच्चों तक पहुंचने का काम लगातार कर रहा है। नई शिक्षा नीति को लागू करते हुए हमने कांगड़ा जिले में भी राज्य की तर्ज पर ही एनईपी टास्क फोर्स का गठन किया है। वहीं, डॉ. जोगिंद्र सिंह सदस्य राज्य एनईपी टास्क फोर्स ने भी शिक्षा विभाग की ओर से उठाए जा रहे कदमों बारे विस्तार से चर्चा की। इसके पश्चात वेबिनार के प्रशिक्षक जगत चौधरी ने एनईपी-2020 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।