धर्मशाला। राज्य में कृषि क्षेत्र में भी सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। देश की पहली सहकारिता समिति प्रदेश में पंजीकृत हुई थी। इस महत्व को समझते हुए वे केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से प्रदेश के लिए सहकारिता विश्वविद्यालय की मांग उठाएंगे। हिमाचल देश का पहला राज्य है, जहां पर कृषक उत्पादक संगठन तैयार करने की प्रक्रिया आरंभ की गई है।
ये शब्द शहरी विकास एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शनिवार को धर्मशाला में कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के एक करोड़ 20 लाख की लागत से निर्मित भवन का उद्घाटन करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि देश भर में पहली सोसायटी हिमाचल के ऊना जिला के पंजावर में 1892 में पंजीकृत हुई थी। इसके बाद से हिमाचल सहकारिता के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
शहरी विकास एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि देश भर में सहकारिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कई सार्थक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार का गठन होने के पश्चात सहकारिता मंत्रालय भी अलग से बनाया गया है, जो कि पहले कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आता था। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 4600 सहकारी सोसायटियां पंजीकृत हैं, जबकि इन सहकारी सभाओं के साथ 17 लाख सदस्य जुड़े हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब कृषि क्षेत्र में सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए प्लान तैयार किया गया है। कृषक उत्पादक संगठन विभिन्न जगहों पर कोल्ड स्टोरेज इत्यादि की व्यवस्था करेंगे, ताकि उत्पादों के सही दाम मिलने पर ही विक्रय की व्यवस्था हो सके। इससे किसानों को भी फायदा होगा।
इससे पहले कांगड़ा सहकारी प्राइमरी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष कमल नयन शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कहा कि बैंक द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक विशाल नैहरिया, महापौर ओंकार नैहरिया, भाजपा के जिलाध्यक्ष चंद्र भूषण नाग सहित बैंक के विभिन्न अधिकारी तथा निदेशक भी उपस्थित थे।