कांगड़ा। अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश शिखा लखनपाल की अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में दोषी को तीन साल की सजा व 45 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया है। मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी श्वेता ने की।
उन्होंने बताया कि प्रवीण कुमार ने न्यायालय से एक शिकायत कांगड़ा थाना भेजी थी कि उसने ओबीसी निगम से कर्ज लेकर एक ट्रैक्टर लिया था। बैजनाथ निवासी कुलभूषण उसके पास यह कहकर आया कि वह उसका ट्रैक्टर अंबाला की एक निजी कंपनी में 25 हजार रुपये मासिक किराये पर लगा देगा। उसका आरोप है कि उसके बाद न तो उसे उसका ट्रैक्टर मिला न ही किराया। काफी छानबीन के बाद उसे यह जानकारी मिली कि कुलभूषण ने सिकरी करनाल के एक व्यक्ति वेद प्रकाश को उसका ट्रैक्टर बेच दिया है। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि कुलभूषण को 24 जनवरी 2014 को कोर्ट ने सजा सुना दी थी, लेकिन वेद प्रकाश पुलिस की जांच के दौरान फरार हो गया था। जब उसे पकड़ने के लिए कांगड़ा पुलिस टीम उसके घर गई तो उसने व अन्य साथियों ने पुलिस के साथ भी मारपीट की थी।
यह मामला अभी करनाल कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस ने बाद में उसे पकड़ लिया। अदालत ने दोषी को तीन साल की सजा और 15 हजार जुर्माना, धारा 406 में दो साल की सजा व 15 हजार रुपये जुर्माना और 403 में एक साल की सजा व 15 हजार का जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया है।