धर्मशाला। महिला विधायकों के नेतृत्व कौशल को निखारने के लिए धर्मशाला में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को समापन हो गया। इस तीन दिन की ट्रेनिंग के बाद महिला विधायकों ने महसूस किया कि उनमें पहले से ही नेतृत्व की तमाम क्षमताएं मौजूद थीं। अज्ञानतावश एक पर्दे के पीछे वह सब खूबियां छिपी हुई थीं। ट्रेनिंग के दौरान छिपी हुई क्षमताएं उभरकर सामने आ गई हैं। ऐसे में वह खुद को पहले से भी ज्यादा सक्षम और ऊर्जावान महसूस कर रही हैं।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इन तीन दिनों में उन्हें एक सफल नेता के तमाम गुणों को समझने का मौका मिला। तीन दिन की ट्रेनिंग में विशेषज्ञों से जो मूल मंत्र मिले हैं, उससे हम और भी बेहतर जनप्रतिनिधि बनकर दिखाएंगी। उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य अपने क्षेत्र में लौटकर स्वयं एक मजबूत नेता बनने के साथ-साथ और महिला प्रतिनिधियों को भी हर तरह से सक्षम बनाने का रहेगा।
प्रतिभागी महिला विधायकों ने बताया कि इस तरह के ट्रेनिंग कार्यक्रम महिलाओं के नेतृत्व के विकास में काफी कारगर सिद्ध हो सकते हैं। एक सशक्त महिला नेतृत्व से ही मजबूत लोकतंत्र का निर्माण होगा। ऐसे में समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रमों को सरकार और अन्य संस्थाओं को मिलजुल कर करते रहना चाहिए। पेश हैं महिला विधायकों से बातचीत के मुख्य अंश-
अपनी छिपी हुई क्षमताओं की पहचान हुई
विधायक डॉ. सुरभि ने कहा कि हर महिला में एक नेता वाले सभी गुण मौजूद होते हैं। अब तक बहुत सी महिला विधायकों को अपनी इन खूबियों की पहचान नहीं थी। इस तीन दिन की कार्यशाला में हमें उन छिपी हुई खूबियों और क्षमताओं की पहचान करने में मदद मिली है। अब यहां से लौटकर हम अपने क्षेत्र की जनता के प्रति और भी जवाबदेह होकर कार्य करेंगी।
सफल नेता के गुण समझने का अच्छा अवसर मिला
विधायक अनुपमा जायसवाल ने बताया कि एक महिला विधायक के कौशल को निखारने के लिहाज से कार्यशाला का हर सत्र काफी सोच-समझ कर बनाया गया था। हमें कार्यशाला में काफी करीब से यह समझने का अवसर मिला कि एक सफल नेता के कौन से गुण होते हैं। यहां से सीखी हुई बातें अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता के कार्यों को करते हुए काफी मददगार साबित होंगी।
कार्यशाला से दायरे का विस्तार करने की मिली प्रेरणा
हाथरस की विधायक अंजुला सिंह माहौर ने बताया कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी हमारा एक बंधा हुआ दायरा होता था। यहां विभिन्न सत्रों में भाग लेने के बाद हमारी मानसिक समझ का दायरा और खुला है। ऐसे में अब हम आने वाले समय में एक सफल नेता की तरह एक विशाल दायरे में कार्य करने के लिए प्रयास करेंगी।