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मृत व्यक्ति के अंगों के दान से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं: डॉ. राकेश

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टांडा मेडिकल कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर समूहगान प्रस्तुत करतीं नर्सिंग स्कूल की - फोटो : Kangra
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कांगड़ा। राष्ट्रीय अंगदान दिवस के उपलक्ष्य पर टांडा मेडिकल कॉलेज में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन टांडा मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर सर्जरी और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. राकेश चौहान और उनकी टीम की ओर से किया गया।
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टांडा नर्सिंग स्कूल की छात्राओं और प्रशिक्षु डॉक्टरों ने राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर रैली भी निकाली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. भानु अवस्थी रहे। अपने संबोधन में डॉ. राकेश चौहान ने यह अपील है कि लोग अंगदान के महत्व को समझें। शरीर मृत्यु के बाद निष्क्रिय हो जाता है। यदि समय रहते मृत शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को कंजरवेट कर लिया जाए, तो ये अंग जरूरतमंद कई जिंदगियों को नया जीवन दे सकते हैं। आए दिन कई हादसे होते हैं, जिनमें कई लोगों की जान चली जाती है। कई लोग अपना जीवन बचाने की जद्दोजहद में अस्पताल में दम तोड़ देते हैं। यदि उस मृत व्यक्ति के अंगों को समय रहते सुरक्षित कर लिया जाए और किसी जरूरतमंद व्यक्ति को समय रहते दे दिया जाए तो इस संसार में इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज टांडा की तरफ से अंगदान करने वाले परिवारों को स्मृति चिन्ह देकर उनका आभार जताया गया। इसमें जोगेंद्र कुमार ने अपने 27 वर्षीय इकलौते पुत्र पंकज कुमार, जिनकी मृत्यु एक्सीडेंट के चलते हो गई थी के ऑर्गन दान किए हैं। वहीं, डॉ. राजेश शर्मा ने संतोष शर्मा के ऑर्गन डोनेट किए हैं। कार्यक्रम में प्रिंसिपल भानु अवस्थी, डिप्टी डायरेक्टर, डॉ.राकेश चौहान अंगदान करने वाले परिवारों के सदस्य और अन्य डॉक्टर उपस्थित रहे।
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