चंबा। चंबा रुमाल, चुख, थाल और चप्पल सहित अन्य पारंपरिक उत्पादों को इस बार मिंजर मेले में प्रदर्शित करने के लिए विशेष स्थान मिलना चाहिए। इसको लेकर चंबा के बुद्धिजीवी वर्ग ने जिला प्रशासन से मांग उठाई है।
इन उत्पादों को बनाने वाले कई कारीगर राष्ट्रपति सम्मान भी पा चुके हैं। वन विभाग से सेवानिवृत्त अधीक्षक मान सिंह ठाकुर, कमल भारद्वाज, सूरत राम चौहान, विजय कटोज, शशि मेहरा और जितेंद्र मेहरा ने प्रशासन से मांग की है कि चंबा के पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए मिंजर मेले से अच्छा मंच नहीं मिल सकता है। इसके लिए इन पारंपरिक उत्पादों को बनाने वाले कारीगरों को चौगान नंबर दो में विशेष स्थान दिया जाना चाहिए। एक तरफ स्वयं सहायता समूह अपने हाथों से निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री कर सकें, दूसरी तरफ चंबा के पारंपरिक उत्पाद भी लोगों को देखने के लिए स्टॉलों में नजर आएं। ऐसा कर प्रशासन चंबा के उन सभी तमाम कारीगरों को एक बेहतर मंच दे सकता है, जो लंबे समय से इस प्रकार के मंच को पाने के लिए तरस रहे हैं। एक नंबर चौगान में अस्थाई मार्केट और सांस्कृतिक संध्याओं के लिए बड़ा पंडाल लगता है। ऐसे में चौगान नंबर दो इस प्रकार के स्टॉलों के लिए सबसे अच्छा स्थान है। उन्होंने सरकार, सदर विधायक और जिला प्रशासन से भी मांग की है कि चंबा के पारंपरिक उत्पादों को लगाने के लिए चौगान में जगह दी जाए।