कांगड़ा। शहर के वार्ड नंबर-3 में वर्ष 1960 से चल रहे कांगड़ा टाउन डाकघर को बंद करने से लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है। डाक विभाग के इस फैसले के खिलाफ सोमवार को स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। डाकघर के बाहर सैकड़ों महिलाओं और बुजुर्गों ने जोरदार प्रदर्शन किया।विभाग ने 26 सितंबर से इस शाखा को बंद कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने एलान किया है कि डाकघर की बहाली की मांग को लेकर मंगलवार को मुख्य डाकघर कांगड़ा के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान पोस्टमास्टर के माध्यम से विभागीय उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और विधायक पवन काजल से केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाकर इस शाखा को उपडाकघर या नॉन-डिलीवरी डाकघर के रूप में बरकरार रखने की मांग की है।
सीनियर सिटीजन फोरम के मुल्ख राज, अंतनाभ मिश्रा, विनय, शिव शर्मा, सतीश चौधरी, दलीप मरयालु और शिवम पंडित ने कहा कि विभाग को कार्यालय संचालन के लिए निशुल्क भवन उपलब्ध कराया गया था। यहां छह हजार से अधिक बचत व आरडी खाते सक्रिय हैं। इसके बावजूद शाखा बंद कर खातों को चार किलोमीटर दूर समेला भेजना बुजुर्गों व महिलाओं के साथ सरासर अन्याय है। डाकघर बंद होने से कई वृद्ध अपनी मासिक पेंशन से भी वंचित हो जाएंगे।
महिला मंडल की स्वर्ण देवी, रुचि, शालू, विपना, सपना और सुदेश मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि डाकघर बहाल नहीं हुआ, तो महिलाएं क्रमिक अनशन शुरू करेंगी। इसके साथ ही हजारों लोगों के हस्ताक्षरयुक्त मांगपत्र को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान चंद्रभूषण मिश्रा, मनोज काका, शशि भूषण, दलीप, राजिंद्र, विनय मिश्रा, सरोज व प्रेमलता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।