धर्मशाला। वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि फोरलेन प्रभावितों से अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सरकार उनके हितों की रक्षा करेगी। फोरलेन में आने वाली जमीनों के अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग रेट हैं। सरकार का प्रयास है कि जमीनों की कीमतों की इस असमानता को दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि नूरपुर क्षेत्र में कुछ प्रभावितों को एक करोड़ रुपये प्रति कनाल की रेट से मुआवजा दिया गया है, जबकि कुछ प्रभावितों को 15 से 20 हजार रुपये प्रति कनाल रेट बनाया गया है। उन्होंने कहा कि फोरलेन उपसमिति इस असमानता को खत्म करने के लिए बनाई गई है। वन प्रोजेक्ट वन रेट के तहत एक प्रभावित को यदि 1 करोड़ मुआवजा मिला है तो दूसरे प्रभावित को भी 80 लाख तक मुआवजा दिलवाएंगे। उन्होंने कहा कि फोरलेन प्रभावितों को पर्याप्त मुआवजा दिलाने के लिए सरकार की ओर से गठित सब कमेटी मेें वह स्वयं भी शामिल हैं। यह कमेटी पड़ोसी राज्यों की भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया और वहां फोरलेन प्रभावितों को मुआवजा देने में क्या-क्या प्रक्रिया अपनाई गई है, उसका अध्ययन करेगी, ताकि प्रदेश के फोरलेन प्रभावितों को भी बेहतर मुआवजा राशी मिल सके। वहीं पठानिया ने पूर्व विधायक का नाम न लेते हुए मेरे कांग्रेसी मित्र फोरलेन पर घटिया राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेसी मित्र बताएं कि कांग्रेस सरकार में जब फोरलेन संबंधित अलाइनमेंट हो रही थी, तब पूर्व विधायक ने सड़क की चौड़ाई तथा अन्य समस्याओं पर आवाज क्यों नहीं उठाई। पठानिया ने कहा कि कांग्रेस महज हल्की राजनीति करती है। पठानिया ने कहा कि नूरपुर को जिला बनाने के साथ-साथ हर मुद्दे को वह विधानसभा व कैबिनेट में उठाते हैं। उन्होंने कहा कि फोरलेन प्रभावितों के साथ भी अन्याय नहीं होने देंगे।