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नगर निगम में लंबे समय से कार्य लटकाने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैक लिस्ट

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धर्मशाला नगर निगम की जरनल हाउस में संबोधित करते हुए विधायक विशाल नैहरिया। - फोटो : Kangra
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धर्मशाला। अब नगर निगम धर्मशाला में छह माह से अधिक समय से कार्य लटकाने वाले ठेकेदारों को पेनल्टी लगेगी और उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद ब्लैक लिस्ट ठेकेदारों को दोबारा नगर निगम धर्मशाला में टेंडर में भाग नहीं लेने दिया जाएगा। यह बात सोमवार को विधायक विशाल नैहरिया ने नगर निगम धर्मशाला के जरनल हाउस ने कही।
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उन्होंने नगर निगम धर्मशाला में लंबे समय से लटके विकास कार्यों को लेकर ठेकेदारों को दो टूक चेताया है कि यदि विकास कार्य लटकाए तो उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम धर्मशाला में स्ट्रीट लाइटों को लगाने का टेंडर होने के बावजूद इस कार्य को शुरू नहीं किया जा रहा है। अगर फरवरी माह में इन लाइटों को लगाने का कार्य शुरू नहीं किया तो यह पहली बार होगा कि 25 करोड़ रुपये का टेंडर रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद यह कार्य किसी अन्य कंपनी को दे दिया जाएगा। कहा कि इन विषय को लेकर कंपनी से बात की जाएगी और उन्हें जल्द कार्य शुरू करने के लिए कहा जाएगा। इस दौरान नगर निगम के जरनल हाउस में मेयर ओंकार नैहरिया, डिप्टी मेयर सर्वचंद गलोटिया, पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी, अतिरिक्त आयुक्त पृथीपाल सिंह व अन्य पार्षद मौजूद रहे।
विधायक और मेयर में हलकी नोकझोंक
नगर निगम के हाउस में विधायक विशाल नैहरिया और मेयर ओंकार नैहरिया में हलकी नोकझोंक देखने को मिली। बैठक में विधायक ने मेयर को पार्षद कह दिया। मेयर ने बैठक में विधायक को किसी मुद्दे पर बोलने से पहले ही टोक दिया। साथ ही बैठक में पूर्व मेयर ने बातों ही बातों में भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार को निकमा बताया, लेकिन डिप्टी मेयर ने भी फ्लो-फ्लो में इस बात पर हां कर दी। इस पर बैठक में हर कोई हंसने लगा और इस दौरान मेयर बोले, जग्गी आपने हमारे मुंह से बुलवा ही दिया।
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पहले पुराने कार्य पूरे हों, उसके बाद दें अगले कार्य : कार्की
दाड़ी वार्ड की पार्षद सविता कार्की ने कहा कि नगर निगम के सभी 17 वार्डों में जो कार्य लटके पड़े हैं, पहले उन्हें पूरा किया जाए। इसके बाद भी हर वार्ड में नए कार्य को मंजूरी दी जाए। उन्होंने कहा कि अभी हालात ऐसे हैं कि सालों से विकास कार्य लटके पड़े हैं और ठेकेदार उन कार्यों को पूरा नहीं कर रहे हैं। नए काम भी मिल जाने से वह एक भी कार्य पूरा नहीं कर पा रहे हैं। यह प्रस्ताव सदन में पास किया गया कि पुराने विकास कार्य पूरे होने पर ही नए काम अलॉट किए जाएंगे।
स्मार्ट रोड के निर्माण में मलबा हटाना ठेकेदारों का काम
हाउस में कई पार्षदों ने यह चिंता जाहिर की कि इस समय जो स्मार्ट रोड का कार्य चल रहा है, इसमें ठेकेदार मिट्टी व पत्थर आदि नहीं उठा रहे हैं। इस कारण बारिश होने के कारण सारा मलबा सड़कों पर आ जाता है, जिससे वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है। बैठक में निर्णय लिया गया कि ठेकेदारों को काम के साथ-साथ मलबा भी वहां से हटाना होगा।
ठेकेदारों पर बरसे पार्षद
हाउस में ठेकेदारों के सुस्त रवैये और लेट-लतीफी पर सभी पार्षद, मेयर व डिप्टी मेयर भी जमकर बरसे। पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने उन्हें चेतावनी दी कि जेई और अधिकारी तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन नगर निगम के कायदे-कानूनों के साथ ही उन्हें कार्य करना पड़ा। उन्हें हर काम में संबंधित पार्षद को इस बारे में जानकारी देनी होगी।
जेई बोले, ठेकेदार और पार्षद बिना उन्हें बताए करते हैं कार्य
कनिष्ठ अभियंता बोले कि नगर निगम में कुछ पार्षद बिना उन्हें बताए ही ठेकेदारों के साथ विकास कार्य को शुरू कर देते हैं। इसकी जानकारी उनके पास नहीं होती है। इसलिए उनके बजट और पेमेंट में देरी हो जाती है। इसका सारा इलजाम ठेकेदार और पार्षद उन पर डाल देते हैं।
अधिकारी बोलते थे पार्षदों के पास गए नहीं क्लियर होंगे बिल
बैठक में पार्षदों ने अधिकारियों पर आरोप जड़े कि वे ठेकेदारों को डराते हैं। वहीं अधिकारी ठेकेदारों को कहते हैं कि अगर आप अपने बिल पार्षदों के पास लेकर गए तो उन बिलों को क्लियर नहीं किया जाएगा। इस कारण न तो ठेकेदार पार्षदों की बात सुनते हैं और न ही अधिकारी।
सराह गोसदन की क्षमता बढ़ाने की मांग
शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पार्षदों ने नगर निगम के मेयर और अधिकारियों से मांग की है कि सराह में बने गोसदन की क्षमता बढ़ाई जाए ताकि शहर के बेसहारा पशुओं को वहां शिफ्ट किया जा सके। इससे शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी।
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