धर्मशाला। राज्य शहीद स्मारक धर्मशाला में आने वाले दिनों में भारत के मानचित्र में लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा एलओसी (लाइन ऑफ कंट्रोल), एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) और पीओके (पाकिस्तान-अधीकृत कश्मीर) भी प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि भावी पीढ़ी को भारत की वर्तमान भौगोलिक स्थिति का ज्ञान हो सके।
इस पहल की जानकारी धर्मशाला कॉलेज की एनसीसी कैडेट और यूथ ब्रिगेड की सदस्य आशा ने दी। रविवार को सैनिक लीग कार्यालय में राज्य शहीद स्मारक समिति की वार्षिक आम सभा हुई। सभा की अध्यक्षता कर्नल केकेएस डढवाल ने की, जबकि पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में कर्नल डढवाल ने शहीद स्मारक के विस्तार के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान का उल्लेख किया, जिसे 12 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह शहीद स्मारक का विस्तार दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 50 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है और इसके लिए कारपोरेट कंपनियों से वित्तीय सहायता ली जाएगी।
कर्नल डढवाल ने बताया कि इस योजना के तहत शहीद स्मारक को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कई सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही स्मारक में शहीदों की वीरता को दर्शाने वाली नई और प्रभावशाली प्रदर्शनी भी होगी। इस मौके पर समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्नल जय गणेश, बिग्रेडियर वाईएस राणा, डॉ. मोनिका शर्मा, कर्नल करतार, डॉ. संजय भारद्वाज, आरपी चोपड़ा, कर्नल एनएस कटोच सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
परियोजना में शामिल हों लोग : मनकोटिया
पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने बैठक में अनुपस्थित पुराने सदस्यों को लेकर अफसोस जताया और कहा कि शहीद स्मारक के कार्यों में अध्यक्ष की मेहनत सराहनीय है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस परियोजना को सफल बनाने के लिए और लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाए, ताकि यह स्मारक एक प्रमुख पर्यटन स्थल बने। यहां आने वाले लोग देश की वीरता और बलिदानियों के योगदान को महसूस कर सकें।