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Himachal News : अमेरिका में कैंसर की दवाई के लिए शोध करेंगी हिमाचल की अमिता, सरकारी स्कूल से पढ़ीं हैं

Fri, 14 Aug 2026 12:48 AM IST
शिमला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।

सार

कांगड़ा के लुडरेट की अमिता शर्मा ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर अमेरिका की प्रतिष्ठित मियामी यूनिवर्सिटी के मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन में वैज्ञानिक का पद हासिल किया है। उन्होंने धर्मशाला कॉलेज से बीएससी, पंजाब विश्वविद्यालय से एमए और पालमपुर स्थित सीएसआईआर-आईएचबीटी से पीएचडी की। अब वह कैंसर की दवाओं से जुड़े शोध और अग्निशमन यंत्रों के क्षेत्र में काम करेंगी।
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अमिता शर्मा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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जिला कांगड़ा की तहसील देहरा के लुडरेट (नगरोटा सूरियां) की रहने वाली अमिता शर्मा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर अमेरिका में वैज्ञानिक के रूप में पहचान बनाई है। उन्हें अमेरिका के प्रतिष्ठित मियामी विश्वविद्यालय के मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन में वैज्ञानिक के पद पर नियुक्ति मिली है। यहां वह कैंसर की दवाओं से जुड़े शोध कार्य के साथ अग्निशमन यंत्रों के क्षेत्र में भी काम करेंगी।
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अमिता शर्मा ने 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई दरोका (बरियाल) के सरकारी स्कूल में हिंदी माध्यम से की। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भी सरकारी स्कूल से ही अंग्रेजी माध्यम में पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने धर्मशाला कॉलेज से बीएससी की। इसके बाद पंजाब विश्वविद्यालय से एमए किया। वैज्ञानिक क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए उन्होंने पालमपुर स्थित सीएसआईआर-आईएचबीटी से पीएचडी की।

सरकारी स्कूल से अमेरिका तक का सफर
अमिता का अमेरिका तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी सफलता का माध्यम बनाया। लगातार अध्ययन, मेहनत और नए अवसरों की तलाश ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक के रूप में काम करने का अवसर दिया। अब मियामी विश्वविद्यालय के मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन में वैज्ञानिक के रूप में वह कैंसर की दवाओं से संबंधित शोध कार्य में योगदान देंगी। इसके साथ ही अग्निशमन यंत्रों से जुड़े कार्य पर भी काम करेंगी।
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पिता सरकारी शिक्षक, मां गृहिणी
अमिता शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता स्वरूप चंद शर्मा, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, अपनी मां सुरजीत शर्मा और गुरुजनों को दिया है। परिवार और गुरुजनों के सहयोग के साथ निरंतर मेहनत ने उन्हें यह मुकाम हासिल करने में मदद की।

हिमाचल के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा
अमिता की उपलब्धि हिमाचल के उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, जो सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और बड़े सपने देखते हैं। हिंदी माध्यम के सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू कर अमेरिका की प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्था में वैज्ञानिक बनने तक का उनका सफर बताता है कि सीमित संसाधन सफलता की राह में स्थायी बाधा नहीं हैं। मेहनत, सीखने की इच्छा और आत्मविश्वास के बल पर छोटे गांव से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
 
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