धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश राजपूत कल्याण सभा की आपात बैठक कांगड़ा में हुई। इसमें प्रदेश की राजनीति में सवर्ण समुदाय की लगातार हो रही उपेक्षा पर चिंता व्यक्त की गई। सभा ने कहा कि प्रदेश की बहुसंख्यक सवर्ण समाज की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। इसके कारण समुदाय में नाराजगी है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण नेताओं की उपेक्षा का मुद्दा पिछले कई वर्षों से सुर्खियों में रहा है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सभा के अध्यक्ष इंजीनियर केएस चंबियाल, संरक्षक-इन-चीफ एवं लीगल एडवाइजर टेक चंद राणा, मुख्य सलाहकार कर्नल एससी परमार, महासचिव विजय सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कुछ सवर्ण नेताओं ने ओबीसी का कोटा 13 फीसदी से 27 फीसदी करने का मामला उठाया था, जो निंदनीय है। राजपूत कल्याण सभा जातिप्रथा को बढ़ावा देने के बजाय आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण के मुद्दे को नजरअंदाज करने की कोशिश का कड़ा विरोध किया जाएगा। सभा ने आगामी चुनाव में सवर्ण समाज को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तियों का हर मंच पर विरोध किया जाएगा। समाज को सही दिशा दिखाने के लिए संगठन हरसंभव प्रयास करेगा।