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बिजली संशोधन विधेयक के विरोध किया प्रर्दशन

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बिजली संशोधन विधेयक के विरोध गरजे कर्मचारी
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धर्मशाला। केंद्र सरकार की ओर से बिजली कंपनियों के निजीकरण के लिए लाए जा रहे बिजली संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंपलाइज यूनियन की धर्मशाला इकाई ने मंगलवार को प्रदर्शन किया।
यूनियन की उपाध्यक्ष सुनीता कुमारी की अध्यक्षता में दोपहर भोजनावकाश में आयोजित प्रदर्शन में कर्मचारियों ने केंद्र सरकार द्वारा ला जा रहे विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस संशोधन विधेयक के माध्यम से बिजली वितरण का लाइसेंस लेने की शर्त को समाप्त करने जा रही है, जिससे बिजली वितरण का संपूर्ण निजीकरण हो जाएगा। वहीं एक से अधिक बिजली कंपनियां किसी क्षेत्र में बिना लाइसेंस लिए काम कर सकती हैं और इसमें बिजली बोर्ड का वितरण नेटवर्क इस्तेमाल करेंगी। वहीं निजी कंपनियां अपनी सुविधा अनुसार बड़े औद्योगिक व कामर्शियल उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देंगी और उस क्षेत्र के अन्य उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति सेवाएं प्रभावित होगी।
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बिजली संशोधन बिल का विरोध
नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत कर्मचारी यूनियन, पावर एसोसिएशन, डिप्लोमा एसोसिएशन और विद्युत रिटायरी फोरम के सदस्यों ने मंगलवार को संयुक्त रूप से बिजली संशोधन बिल पर विरोध जताया। विद्युत बोर्ड के मंडल कार्यालय बौड़ (जसूर) के सामने विरोध में उतरे यूनियन के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह बिल न तो कर्मचारियों के हित में है न ही प्रदेश की जनता के हित में हैं।
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इस बिल को हिमाचल जैसे पहाड़ी क्षेत्र में किसी भी सूरत में लागू न किया जाए। इस अवसर पर यूनियन के जिला संगठन सचिव अश्विनी ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन मोहल, पावर एसोसिएशन से अंकुर शर्मा, डिप्लोमा एसोसिएशन से किशन धीमान, आदित्य शर्मा, जवाली यूनिट के प्रधान सुरेश, सचिव बालकिशन, फतेहपुर के जोनल सचिव केवल राणा, प्रधान मनजीत पठानिया आदि मौजूद रहे।
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