ज्वालामुखी में रोगी कल्याण समिति की बैठक में उपस्थित विधायक रमेश धवाला और एसडीएम ज्वालामुखी
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ज्वालामुखी(कांगड़ा)। सिविल अस्पताल ज्वालामुखी की रोगी कल्याण समिति की विशेष बैठक लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह ज्वालामुखी में हुई। बैठक में विधायक रमेश धवाला, एसडीएम ज्वालामुखी मनोज ठाकुर, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पवन शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, रोगी कल्याण समिति के सदस्य पवन चौधरी, पूनम शर्मा, एसके शर्मा आदि ने हिस्सा लिया।
बैठक में सबसे पहले वर्ष 2020-21 के लिए बजट शेष सत्र के लिए आय-व्यय का लेखा-जोखा पढ़ा गया। इसमें बताया गया कि 13 लाख 95 हजार 67 रुपये कि आय रोगी कल्याण समिति को विभिन्न स्रोतों से होगी, जबकि 19 लाख 58 हजार 134 रुपये का अनुमानित खर्च होगा। बैठक में धौलासिद्ध प्रोजेक्ट का धन्यवाद किया गया, जिन्होंने सिविल अस्पताल ज्वालामुखी के लिए 10 लाख रुपये की हाई मास्क लाइट सोलर सिस्टम दान किया है और शहर के लिए दो मोबाइल टॉयलेट भी देने का निर्णय लिया है। समिति ने निर्णय लिया कि जो भी व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त लोगों को अस्पताल तक लाएगा, उसे मानवीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा समिति ने चर्चा करते हुए बताया कि सहारा योजना के तहत गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को 3000 प्रतिमाह अनुदान दिया जा रहा है, जिसका लोग लाभ उठा सकते हैं। उनकी आय चार लाख से कम होनी चाहिए। इसके अलावा समिति ने मंदिर न्यास ज्वालामुखी से अल्ट्रासाउंड मशीन अस्पताल को दान करने के लिए भी आवेदन किया है। अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के लिए भी नियम बनाए गए और उनके काम की देखरेख के लिए सब कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया गया। उन्हें रोजाना चार घंटे के लिए अस्पताल में काम करने आना पड़ेगा। बदले में उन्हें सरकार की ओर से निर्धारित किए गए रेट के अनुसार अदायगी की जाएगी। इस मौके पर विधायक रमेश धवाला ने बताया कि अक्सर शिकायतें आती हैं कि अस्पताल में दवाइयां नहीं मिलती हैं। इसलिए सभी डॉक्टर वही दवाइयां पर्ची में लिखें जो अस्पताल में उपलब्ध हों। ऐसी दवाइयां न लिखी जाएं, जो अस्पताल में न हों। समिति सदस्यों ने कहा कि अस्पताल में जो टेस्ट होते हैं, उनकी क्वालिटी बढ़ाई जाएगी और रेट टांडा मेडिकल कॉलेज के अनुसार लिए जाएंगे। अस्पताल के पुराने सामान को नीलाम करने बारे भी निर्णय लिया गया, ताकि समिति को आय हो सके। सफाई, पेयजल और विद्युत व्यवस्था के लिए सख्त निर्देश दिए गए। कर्मचारियों के लिए आवास उपलब्ध करवाने को कहा गया। जल शक्ति विभाग को आवासीय कॉलोनी को शीघ्र ही सीवरेज कनेक्शन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि कर्मचारियों को सुविधा मिल सके।