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कांस्टेबल भर्ती में 2013 से नहीं जुड़ते हैं शारीरिक दक्षता के नंबर

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धर्मशाला। पुलिस कांस्टेबल भर्ती फर्जीवाड़े का मुख्य कारण लिखित परीक्षा को ज्यादा महत्व देना हो सकता है। वर्ष 2013 में पुलिस विभाग ने कांस्टेबल भर्ती में शारीरिक दक्षता के नंबर जोड़ने की प्रक्रिया में बदलाव किया था। इसके बाद से सिर्फ ऊंचाई के नंबर ही मिलते हैं। उसमें भी पांच फीट 11 इंच वाले अभ्यर्थी के अधिकतम पांच अंक ही शामिल हैं। इसके अलावा शारीरिक दक्षता में दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद के कोई अंक नहीं दिए जाते हैं, जबकि 2013 से पूर्व हुईं भर्तियों में शारीरिक दक्षता के अलग-अलग नंबर जुड़ते थे। करीब 9 साल पहले हुए बदलाव के कारण कांस्टेबल भर्ती में लिखित परीक्षा की मेरिट का ज्यादा महत्व हो गया। ऐसे में लिखित परीक्षा में पैसों के लेने-देन के कारण प्रश्नपत्र मुहैया करवाने के अलावा अन्य गतिविधियां करवाने का गोरखधंधा काफी पुराना हो सकता है। इस संदर्भ में एसपी कांगड़ा डॉ. खुशहाल चंद शर्मा का कहना है कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी ही इस संबंध में अधिक जानकारी दे सकती है।
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इनसेट
15 नंबर का साक्षात्कार सिर्फ औपचारिकता
पुलिस कांस्टेबल भर्ती में शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा के बाद 15 नंबर का साक्षात्कार सिर्फ औपचारिकता के बराबर है। जो लिखित परीक्षा में मेरिट में होगा, उसी के भर्ती होने की ज्यादा संभावनाएं होती हैं, क्योंकि 15 नंबर के साक्षात्कार में जमा दो कक्षा की शैक्षणिक योग्यता के अधिकतम 2.5 अंक, पिछड़े क्षेत्र से संबंध रखने वाले को एक अंक, एक हेक्टेयर से कम जमीन वाले अभ्यर्थी को एक नंबर और एनसीसी के सी सर्टिफिकेट के चार अंक मिलते हैं। अगर अभ्यर्थी के पास एनसीसी का बी सर्टिफिकेट है तो दो और अगर ए सर्टिफिकेट है तो उसे एक अंक प्राप्त होगा। ऐसे में लिखित परीक्षा में जिसकी अच्छी मेरिट है, उसके भर्ती होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
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