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कांगड़ा में 11 प्रोजेक्ट को मिली वन विभाग की मंजूरी

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Clear the way for the construction of Dharamshala bus stand, many connectivity roads will be built
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में लंबे समय से लटके 11 बड़े प्रोजेक्टों पर जल्द काम शुरू हो जाएगा। अब धर्मशाला बस स्टैंड के निर्माण और जिले में कई संपर्क सड़कों का रास्ता साफ हो गया है। इन परियोजनाओं को वन विभाग से मंजूरी मिल गई है। सभी प्रोजेक्ट एफसीए (फॉरेस्ट कंजरवेशन एक्ट) और एफआरए (फॉरेस्ट राइट एक्ट) की क्लीयरेंस में फंसे हुए थे। लोक निर्माण विभाग की छह, पावर प्रोजेक्ट की दो, एचआरटीसी की दो और आर्य कॉलेज नूरपुर की एक परियोजना को एफसीए और एफआरए (फोरेस्ट राइट एक्ट) की मंजूरी मिल गई है।
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इन प्रोजेक्टों के शुरू होने का रास्ता साफ
- एचआरटीसी धर्मशाला को धर्मशाला बस स्टैंड निर्माण के लिए 0.2144 हेक्टेयर वन भूमि को मंजूरी
- बैजनाथ के हरेड़ से वाया तरास संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को 0.4038 हेक्टेयर वन भूमि की मंजूरी
- 5 मेगावाट वणू राज्य हाइड्रो विद्युत परियोजना निर्माण के लिए लियोंड हाइड्रो पावर प्राइवेट लिमिटेड को 2.2926 हेक्टेयर वन भूमि स्वीकृत
- राजकीय आर्य कॉलेज नूरपुर के भवन निर्माण के लिए शिक्षा विभाग को 1.8 हेक्टेयर वन भूमि की स्वीकृति मिली
- देहरा उपमंडल के जवाली में कूट-अमलेला- जरपाल-अपर अमलेला से घाड़ जरोट संपर्क सड़क मार्ग को 0.632 हेक्टेयर वन भूमि की मंजूरी
- लियोंड (चार) 0.5 मेगावाट लघु हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए बाबा हाइड्रो प्रोजेक्ट लिमिटेड को 0.8521 हेक्टेयर वन भूमि की स्वीकृति।
- वरनेटा से घेरा मार्ग के लिए लोक निर्माण विभाग को 1.9835 हेक्टेयर वन भूमि को स्वीकृति
-नूरपुर के इंदौरा क्षेत्र में दिन्नी-कुंबी-घनारा संपर्क सड़क के लिए 2.4684 हेक्टेयर भूमि के लिए स्वीकृति।
- जयसिंहपुर बस स्टैंड की वर्कशाप निर्माण के लिए एचआरटीसी को 0.8077 हेक्टेयर भूमि मंजूर।
- नूरपुर के जवाली में कहूही-भटवाला से अवाडी सड़क संपर्क मार्ग के लिए 0.324 हेक्टेयर वन भूमि स्वीकृत
- कुट-अमलेला-जरपाल अपर अमलेला-धाड़ जरोड़ सड़क संपर्क मार्ग के लिए 5.550 हेक्टेयर वन भूमि लोक संपर्क विभाग की परियोजना को स्वीकृति।
डीसी निपुण जिंदल ने कहा कि जिला कांगड़ा में विकासात्मक परियोजनाओं को धरातल पर लाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। कुछ परियोजनाएं एफआरए और एफसीए की क्लीयरेंस के लिए वन विभाग के पास लंबित थी, जिन्हें अब स्वीकृति मिल गई है। जिला में और विकासात्मक प्रोजेक्टों के धरातल पर उतरने से विकास की रफ्तार मिलेगी।
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