धर्मशाला। जिला कांगड़ा की तहसीलों में महीनों से सैकड़ों प्रमाणपत्र लंबित पड़े हैं। इसका खामियाजा छात्र-छात्राओं सहित अन्य आवेदकों को भुगतना पड़ रहा है। तहसीलों में लंबित पड़े इन प्रमाणपत्रों बारे एक सुरक्षा एजेंसी ने जिलाधीश कांगड़ा को पत्र लिख कर अवगत करवा कर चिंता जाहिर की है।
जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसी की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि कांगड़ा तहसील कार्यालय में ऑनलाइन माध्यम से बोनाफाइड, ओबीसी, एससी या अन्य किसी भी तरह के प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन तो किए जा रहे हैं, लेकिन यह आवेदन तहसील कांगड़ा के कार्यालयों में महीनों तक लंबित पड़े रहते हैं। तहसील कार्यालयों और पटवारखानों में बैठे अधिकारी इस व्यवस्था को सुदृढ़ करने में विफल साबित हुए हैं और इसका खामियाजा आवेदकों और छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। जून महीने तक के आवेदन अभी लंबित चल रहे हैं।
इसके चलते लोग भी इस ऑनलाइन सुविधा को असुविधा करार दे रहे हैं, क्योंकि इस ऑनलाइन सुविधा से जहां समय अधिक लग रहा है, वहीं लोगों को लोक मित्र केंद्रों में भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सुरक्षा एजेंसी की ओर से भेजे गए इस पत्र में जिला कांगड़ा की 44 तहसीलों में लंबित चल रहे प्रमाण पत्र की सूची भी संलग्न की है। इसमें सबसे अधिक लंबित प्रमाण पत्र कांगड़ा तहसील से 400 से अधिक बताए गए हैं। उधर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कांगड़ा डॉ. हरीश गज्जू ने जिले की सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को को सुरक्षा एजेंसी के आए पत्र का हवाला देते हुए लंबित प्रमाण पत्र को शीघ्र जारी करवाने बारे संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं।