कोटला (कांगड़ा) पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर त्रिलोकपुर में पुल के साथ गिरे हुए डंगे के कारण शनिवार को दूसरे दिन भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस पुल को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है। शनिवार को निजी और एचआरटीसी की बसें त्रिलोकपुर से वापस पठानकोट और पुल के दूसरी ओर से कांगड़ा की ओर आती-जाती रहीं। लोग त्रिलोकपुर पुल को पैदल आरपार करते दिखे।
हलके वाहन कोटला-सोहल्दा-त्रिलोकपुर- 32 मील संपर्क मार्ग से आते-जाते रहे। इस संपर्क मार्ग के तंग एवं जगह-जगह से ऊबड़-खाबड़ होने के कारण पूरा दिन जाम की स्थिति रही। इससे लोगों को भारी परेशानी हुई। धर्मशाला में विश्व कप मैच के चलते मैच देखने जाने वाले दर्शकों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पुल का निर्माण वर्ष 2011 में किया गया था एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस पुल का उद्घाटन किया था। इस समय पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर फोरलेन का निर्माण कार्य चला हुआ है। फोरलेन कंपनी की ओर से त्रिलोकपुर में नए पुल निर्माण कार्य को लेकर नींव खोदी जा रही है जो इस पुल के बिल्कुल पास है। शुक्रवार शाम को इसी खोदाई के चलते पुल को जोड़ने वाली दीवार धंस गई और पुल में की गई भराई गिरनी शुरू हो गई। इसके चलते पुल का एक हिस्सा धंस गया। गनीमत रही कि उस समय इस जगह से कोई गाड़ी नहीं गुजर रही थी अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। शनिवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पुल का मुआयना किया एवं इस पुल को शीघ्र दुरुस्त कर यातायात व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद जताई है।
इस समय त्योहारी सीजन भी चल रहा है। दुकानदारों को इस सीजन से बहुत ज्यादा आय की उम्मीद होती है। अब त्रिलोकपुर में वाहनों की आवाजाही ठप हो जाने से व्यापारी वर्ग को नुकसान की चिंता सता रही है। लोगों का कहना है कि फोरलेन कार्य के चलते हो रहे भारी भूस्खलन के चलते पहले 32 मील के पास कई दिन तक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा।
उसके बाद फोरलेन निर्माण कार्य के चलते 32 मील त्रिलोकपुर सोहल्दा संपर्क मार्ग पर की गई कटाई से यह संपर्क मार्ग कई मीटर तक धंस गया, जिसे लगभग एक माह के बाद मिट्टी डालकर बहाल किया गया। अब त्रिलोकपुर में पुल के पास नए पुल की नींव की खोदाई के दौरान पुल को जोड़ने वाली दीवार ढह गई। कोटला क्षेत्र के दुकानदारों ने एनएच विभाग से इस पुल को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है।