कांगड़ा। चैत्र नवरात्र मेलों में मंदिर में इस बार का रिकॉर्ड चढ़ावा चढ़ा है। कई वर्षों की तुलना भी करें तब भी मंदिर में नवरात्र मेलों में इतना चढ़ावा नहीं दर्ज नहीं हुआ। मंदिर प्रशासन का भी यही तर्क है कि इन नवरात्रों में माता के दरबार में चढ़ाई गई नकदी पिछले वर्ष कोविड की बंदिशों से तीन गुना ज्यादा पार कर गई। कोविड से पहले वर्ष 2019 की बात करें तो उन नवरात्रों की तुलना में सात लाख रुपये ज्यादा चढ़ावा बढ़ा है।
मंदिर में आए श्रद्धालुओं ने दिल खोल कर इतना चढ़ावा चढ़ाया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इस बार नवरात्रों में जहां सोना 23 ग्राम चढ़ा, तो चांदी का चढ़ावा चार किलो 378 ग्राम रहा। नकदी का आंकड़ा 47 लाख, 30 हजार, 507 रुपये। पिछले वर्ष पूरे नवरात्र मेले में यह चढ़ावा 14 लाख 39 हजार 283 रुपये था। इस बार अकेले अष्टमी में ही श्रद्धालुओं ने 9 लाख 6 हजार 355 रुपये की चढ़त चढ़ाई। जबकि पिछले वर्ष अष्टमी में नकदी का यह चढ़ावा एक लाख चौदह हजार 34 रुपये था। मंदिर अधिकारी भुवनेश्वर शर्मा ने दावा जताते हुए कहा कि इतना चढ़ावा पहले नहीं चढ़ा। उन्होंने कहा कि इस बार मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाओं में भी इजाफा किया था। ऐसे में मंदिर में रुके विकास कार्यों को गति मिलेगी।