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कोरोना के खिलाफ जंग में तीन पीढ़ियों ने लिया सुरक्षा कवच

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डा. आशुतोष जोशी - फोटो : Kangra
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धर्मशाला। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान कई परिवार ऐसे हैं, जिनकी तीन पीढ़ियों के सभी सदस्यों ने कोरोना टीका लगवा लिया है। इसके अलावा ये परिवार अन्य लोगों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बड़ों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद अब 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों में भी वैक्सीनेशन के लिए खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं, 60 वर्ष की आयु पार कर चुके बुजुर्ग कोरोना से सुरक्षा के लिए बूस्टर डोज भी ले रहे हैं।
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स्कूल के हर बच्चे का हो गया वैक्सीनेशन : सुदर्शना
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोपड़ा की प्रिंसिपल सुदर्शना देवी ने बताया कि उनके स्कूल में 14 वर्ष के अधिक आयु के सभी बच्चों को वैक्सीन की दोनों डोज लग गई हैं। इसके अलावा 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को पहली डोज लग गई है। उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एसमएसी की बैठक में चर्चा की गई। बच्चों को स्लोगन कंपीटीशन के जरिये जागरूक किया गया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी स्कूल में बुलाया गया था।
श्याम सिंह के परिवार की तीनों पीढ़ियों ने ली वैक्सीन
पुराना मटौर के निवासी श्याम बरसोला ने बताया कि उनकी माता पुन्या देवी, पत्नी ज्योति, बेटे विशाल, बेटी सविता, भाई हरनाम सिंह, भाभी पुष्पा और भतीजे विकास व लक्की ने कोरोना की दोनों डोज ले ली है। उन्होंने बताया कि कोरोना के खिलाफ हमारे परिवार की तीन पीढ़ियों के सभी सदस्य कोरोना वैक्सीनेशन ले चुके हैं।
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कृष्णा देवी ने दोनों डोज के बाद एहतियातन डोज भी ली
नूरपुर क्षेत्र की अघार पंचायत की 92 वर्षीय कृष्णा देवी ने बताया कि कोरोना की दोनों डोज समय पर लेने के बाद सरकार के निर्देशों के अनुसार बूस्टर डोज भी ले ली है। उन्होंने बताया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपने परिवार को भी समय पर कोरोना वैक्सीन की डोज लेने के लिए प्रेरित किया।
हाई रिस्क बच्चों के लिए कारगर होगी वैक्सीन: डॉ. आशुतोष
सिविल अस्पताल नूरपुर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष जोशी ने बताया कि बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है। वहीं, हाई रिस्क बच्चों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इस लिहाज से 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए जारी वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने में सभी अभिभावकों को सहयोग करना चाहिए।
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