धर्मशाला। कोरोना काल में बदली परिस्थितियों में सरकारी अस्पतालों को कई ऐसी सुविधाएं मिल गईं, जिनका जनता को लंबे समय से इंतजार था। इसके तहत जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल टांडा मेडिकल कॉलेज में कोरोना काल में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की भी शुरुआत हो गई।
कोरोना संक्रमण से शुगर के गंभीर मरीजों को कुछ मामलों में दिक्कतें पेश आने लगी थीं। ऐसे में टांडा अस्पताल में शुरू हुए एंडोक्राइनोलॉजी विभाग से इन मरीजों को उपचार के साथ-साथ मनोवैज्ञनिक संबल मिलता रहा। टांडा अस्पताल में इस विभाग में करीब एक साल पहले सेवाएं शुरू हुई थीं। बता दें कि एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में हार्मोनल असंतुलन के कारण होने वाले शुगर, थॉयराइड जैसे रोगों का उपचार किया जाता है। फिलहाल डॉ. विनय डोगरा और डॉ. शकुन विभाग में सेवाएं दे रहे हैं।
टांडा अस्पताल के एमएस डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि हार्मोनल असंतुलन से होने वाले ऐसे रोगों के करीब 50 से 70 मरीज हर लोग उपचार के लिए आ रहे हैं।
शुगर-थॉयराइड के रोगियों का विशेषज्ञ डॉक्टर कर रहे इलाज
टांडा अस्पताल में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग न खुलने तक शुगर-थॉयराइड के मरीजों का उपचार जनरल ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टर ही करते थे। टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि एंडोक्राइनोलॉजी विभाग शुरू होने से अब इन मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर देखते हैं। इससे शुगर, थॉयराइड और हार्मोन में असंतुलन से होने वाले रोगों के मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है।