ज्वालामुखी (कांगड़ा)। शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में इन दिनों रौनक गायब हो गई है। कोरोना के कारण बॉर्डर पर लगी पाबंदियों का असर अब मंदिरों में भी साफ नजर आ रहा है। शक्तिपीठ में इन दिनों श्रद्धालुओं की आमद बेहद कम हो गई है।
शनिवार और रविवार को भी नाममात्र ही श्रद्धालु दर्शनों के लिए यहां पहुंच रहे हैं। इस कारण शहर के दुकानदार मायूस हैं, क्योंकि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से ही यहां के दुकानदारों की रोजी-रोटी चलती है।
कोविड प्रोटोकॉल के चलते बॉर्डर पर कोविड टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने या वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र की अनिवार्यता है। इस वजह से अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की एंट्री लगभग बंद हो गई है। इक्का-दुक्का लोग ही यहां पर आने में सफल हो रहे हैं, जिससे दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों ने सरकार से प्रवेशद्वारों पर एंट्री में थोड़ी रियायत बरतने की मांग की है, ताकि धार्मिक पर्यटन पर मार न पड़े। ज्वालामुखी के दुकानदारों विशाल, कंचन, सीमा, सुधीर, अमित कपूर, राहुल, शिंपू, अंकुश, नवरत्न गुप्ता, रवि, ज्योति शंकर, शिवांकुर, नितिन, इशांत, परीक्षत आदि ने कहा कि सरकार छोटे दुकानदारों की तरफ भी ध्यान दे। हिमाचल एक पर्यटन और धार्मिक स्थल है। यहां पर लोग पर्यटन स्थलों के अलावा धार्मिक स्थलों में भी आते हैं। इससे बहुत से लोगों का रोजगार चलता है, लेकिन सरकार की पाबंदियों के चलते पर्यटन स्थल और धार्मिक स्थल सूने हो गए हैं। इसलिए सरकार कोई बीच का रास्ता निकाले, ताकि सभी छोटे-बड़े दुकानदारों का व्यापार चलता रहे। मंदिर अधिकारी तहसीलदार निर्मल सिंह ठाकुर ने बताया कि पहले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अच्छी थी, लेकिन प्रवेशद्वारों पर एंट्री में पाबंदियों के बाद यात्रियों की संख्या और चढ़ावे में काफी कमी दर्ज की जा रही है।