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कोरोना के बाद शक्तिपीठों में पहली बार उमड़ा आस्था का सैलाब

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ज्वालामुखी मन्दिर में उमड़ा जनसैलाब। - फोटो : Kangra
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ज्वालामुखी /कांगड़ा। जिले के तीनों शक्तिपीठों में कोरोना के बाद पहली बार इतनी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे । रविवार को ज्वालाजी, बज्रेश्वरी में चामुंडा मंदिरों में करीब 57000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। इस दौरान सरकार की एसओपी का भी पूरा पालन करवाया गया ।
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शक्तिपीठ ज्वालामुखी में रविवार को दो साल बाद श्रद्धालुओं का विशाल सैलाब उमड़ा। रविवार को रिकॉर्ड 35 हजार श्रद्धालुओं ने माता ज्वाला की दिव्य ज्योतियों के दर्शन किए। इतनी संख्या में पहली बार श्रद्धालु कोरोना के बाद मंदिर पहुंचे हैं।
तहसीलदार दीनानाथ ने बताया कि तीसरे नवरात्र पर भक्तों ने 10,01,764 रुपये की राशि और तीन ग्राम 500 मिली ग्राम सोना, 890 ग्राम चांदी माता के चरणों मे अर्पित की। वहीं, रविवार को एक श्रद्धालु ने ज्वाला मंदिर में 18 लाख का गुप्त दान भी दिया। मंदिर प्रशासन की तरफ से सभी व्यापक प्रबंध किए गए हैं। स्वच्छता और पेयजल की आपूर्ति सुचारु है। श्रद्धालु कतारों में दर्शन कर रहे हैं। मास्क लगाना सभी के लिए सुनिश्चित किया गया है। मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है। एसडीएम ज्वालामुखी धनवीर ठाकुर ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते मंदिर प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। असामाजिक तत्वों और जेबकतरों पर 40 सीसीटीवी कैमरों से शहर और परिसर में चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। वहीं, शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मंदिर में तीसरे नवरात्र मेले में श्रद्धा का हुजूम उमड़ पड़ा। मंदिर में रविवार को करीब सोलह हजार श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन किए। यात्रियों की आवाजाही से सुबह से ही सड़कें व्यस्त रहीं। आलम यह था कि यात्रियों के वाहनों से निजी और सरकारी पार्किंग फुल रहीं। पार्किंग फुल होने के बाद वाहनों को बाईपास पर ही रोक लिया गया। यहां से यात्री ऑटो या फिर मुद्रिका बसों से मंदिर तक पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में यात्रियों की भीड़ लग गई। सुरक्षाकर्मी भीड़ को व्यवस्थित करने में जुटे रहे। मंदिर के गर्भ गृह तक यात्रियों को क्रमवार लाया गया। माता के दर्शनों के लिए कतारों में खड़े श्रद्धालु माता की भेंटें गाकर श्रद्धा के रंग में झूमते रहे। मंदिर बाजार में इस दौरान खूब रौनक उमड़ी। युवा पुजारी सभा के अध्यक्ष अनुपम शर्मा ने बताया कि कोविड शुरू होते ही मंदिरों में सन्नाटा पसरा रहा। भक्त माता बज्रेश्वरी के दर्शन नहीं कर सके। मंदिर में इस बार नवरात्र में दोबारा रौनक लौट आई है। पुजारी वर्ग ने माता से कोविड की इस महामारी का नाश करने की प्रार्थना की है। मंदिर अधिकारी दिलजीत शर्मा ने बताया कि तीसरे नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं ने तीन लाख 46 हजार 280 रुपये की नकदी, 17 ग्राम सोना और 710 ग्राम चांदी की चढ़त चढ़ाई। मंदिर प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
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चामुंडा देवी में 6000 श्रद्धालु हुए नतमस्तक
चामुंडा (कांगड़ा)। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में चौथे नवरात्र (रविवार) के दिन काफी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पुलिस जवान और मंदिर कर्मचारियों को भारी कसरत करनी पड़ी। भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से लोगों की पर्चियां बनाने, थर्मल स्क्रीनिंग करने और लाइनों में लगाने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा। श्रद्धालुओं की संख्या में थोड़ा इजाफा हुआ है। वहीं, आचार्य बालक राम ने बताया कि चौथे नवरात्र कुष्मांडा मां की पूजा की जाती है। मान्यता है कि बीमारियों से बचने के लिए और दोषों को दूर करने के लिए कुष्मांडा मां की पूजा अर्चना की जाती है। वहीं, उन्होंने बताया कि कल यज्ञशाला में हवन कुंडों में अग्नि प्रज्वलित कर दी जाएगी और नवमी के पूर्णाहुति के साथ नवरात्र का समापन किया जाएगा।

श्रद्धालुओं की भीड़ से भरा मां बज्रेश्वरी मंदिर का परिसर।- फोटो : Kangra

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