रक्कड़ (कांगड़ा)। गर्मी बढ़ने के साथ ही आग की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। तहसील रक्कड़ के अंतर्गत आते वन क्षेत्र में जगह-जगह जंगल दहकने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नतीजतन वन संपदा के खाक होने के अतिरिक्त पशु-पक्षी भी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। सोमवार सुबह आठ बजे भीषण आग से पीरसलूही वन खंड के अंतर्गत भ्रांता वन बीट का करीब चार हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की भेंट चढ़ गया।
गनीमत रही कि माता स्वस्थानी का मंदिर और बीएसएननल टावर आग से बाल-बाल बच गए। आग बुझाने में फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों सहित विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, तब कहीं जाकर आग पर काबू पाया गया। वहीं देर शाम खबर लिखे जाने तक भी कुछ स्थानों पर आग लगी हुई थी।
वनों का महत्व समझें लोग
उधर, वन खंड अधिकारी पीरसलूही का कार्यभार संभाल रहे बीओ अजय ठाकुर ने बताया कि भ्रांता वन बीट के अंतर्गत करीब चार हेक्टेयर जंगल में आग लगने से वन संपदा जलकर राख हो गई। उन्होंने लोगों से अपील की कि जंगलों के महत्व को समझें और वन संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएं।