ज्वालामुखी मंदिर में 12 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में नौ अगस्त से शुरू होने वाले श्रावण अष्टमी मेलों से पूर्व रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। करीब 12 श्रद्धालुओं ने मां ज्वालामुखी के दरबार में हाजिरी लगाई।
इस दौरान ज्यादातर श्रद्धालु पंजाब के नजर आए, वहीं दोपहिया वाहनों पर आने वाले श्रद्धालु नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, जिस पर पुलिस प्रशासन सख्त नजर आया और नियमों की अवहेलना पर चालान भी काटे गए। मंदिर अधिकारी तहसीलदार निर्मल सिंह ठाकुर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए मंदिर न्यास ज्वालामुखी ने बेहतर प्रबंध किए हुए हैं और नियमों के तहत दर्शन करवाये जा रहे हैं। आज श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो जाने पर पुलिस की सहायता ली गई और यात्रियों को सुविधा पूर्वक परिक्रमा मार्ग से ले जाकर मुख्य मंदिर मार्ग तक ले जाया गया। कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
नवरात्रों से पूर्व माता की रसोई को शिफ्ट करने की मांग
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। श्रावण नवरात्रों से पूर्व ज्वालामुखी माता की रसोई को शिफ्ट किया जाए। यह मांग पुजारी वर्ग ने मंदिर प्रशासन से की है, ताकि माता का प्रसाद शुद्धता से बन सके।
गौरतलब है कि बरसात के दिनों में शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर की माता की मुख्य रसोई की छत टपकने से रसोइयों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रसोइयों का कहना है कि प्रसाद बनाते समय छत से लगातार पानी टपक रहा है। वैसे भी यह रसोई किसी भी लिहाज से सही नहीं है। यह रसोई बहुत तंग है और इसमें रसोइयों को हमेशा धुएं से परेशान होना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। मंदिर न्यास ज्वालामुखी ने एक अलग से रसोई बनाई हुई है जो खुली भी है और हर लिहाज से उचित है इसलिए रसोई को वहां शिफ्ट किया जाए।
इस संदर्भ में पुजारी महासभा प्रधान अविनेन्द्र शर्मा व पुजारी वर्ग ने मंदिर अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर से मिलकर उन्हें इस समस्या से अवगत करवाया गया है। उनसे मांग की है कि नवरात्रों से पूर्व शीघ्र ही माता के मुख्य मंदिर की रसोई को शिफ्ट किया जाए। मंदिर अधिकारी तहसीलदार निर्मल सिंह ठाकुर ने बताया कि उनके ध्यानार्थ मामला आया है और शीघ्र ही समस्या का हल किया जाएगा और न्यास सदस्यों को भी अवगत करवाया जाएगा।