धर्मशाला। अदालत ने नाबालिग को घर से भगाने और दुष्कर्म के आरोप सिद्ध होने पर दोषी को 10 साल कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा 23 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। यह सजा विशेष न्यायाधीश कांता वर्मा (फास्ट ट्रैक कोर्ट) पोक्सो जिला कांगड़ा ने सुनाई है।
मामले की पैरवी कर रहे सरकारी वकील रामदेव चौधरी ने बताया कि पीड़िता के परिजनों ने नगरोटा बगवां पुलिस थाना में अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिस समय रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, उस दौरान लड़की जमा दो की छात्रा थी। अगले दिन सुबह लड़की के पिता को फोन आया कि उसकी बेटी ने शादी कर ली है। पिता ने इसकी सूचना पुलिस को दी और बताया कि उनकी बेटी को कोई बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। आरोपी रवि कुमार फोटोग्राफर था। आरोपी नाबालिग को भगाकर देहरा कोर्ट में शादी करने के लिए ले गया, जबकि आरोपी उस समय शादीशुदा था और दो बच्चों का बाप था। यह बात उसने नाबालिग से छिपाई थी। पीड़िता के नाबालिग होने के कारण कोर्ट में शादी नहीं हो सकी, जिसके बाद आरोपी उसे देहरा और उसके बाद ज्वालाजी ले गया, जहां पर उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने छानबीन की और सरकारी वकील रामदेव चौधरी की ओर से 29 गवाह इस मामले में पेश किए गए। वहीं न्यायालय ने आरोप साबित होने पर दोषी को विभिन्न धाराओं के तहत यह सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।