ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से इस तरह से खुलेआम झूठ बोलना और लोगों को गुमराह करना किसी भी तरह शोभा नहीं देता। प्रदेश में पंचायत चुनाव 4 महीने की देरी से हो रहे हैं। प्रदेश की ज्यादातर पंचायत का कार्यकाल 31 जनवरी तक समाप्त हो गए थे। इसके बाद सरकार चुनाव न करवाने के बहाने खोजती रही। जब एक याचिका के जवाब में हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल तक चुनाव करने के आदेश दिए तो सरकार सुप्रीम कोर्ट गई और वहां भी चुनाव न करवाने के बहाने बताती रही। जब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए की 30 मई तक चुनाव करवाए जाएं तो भी सरकार अपनी पूरी क्षमता से अड़ंगे लगा रही है। प्रदेश में जो चुनाव हो रहे हैं वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रहे हैं। इसके बाद भी मुख्यमंत्री की ओर से यह कहना की चुनाव समय पर हो रहे हैं, खुद को ही हंसी का पात्र बनाने जैसा है। इसी तरह सरकार द्वारा प्रदेश में बाहरी गाड़ियों पर बढ़ाई गई एंट्री फीस को जायज ठहरने को दिए जा रहे तर्क भी हास्यास्पद लग रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने पालमपुर में शांता कुमार से की मुलाकात
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को शांता कुमार से पालमपुर में मुलाकात की। शांता कुमार, जयराम ठाकुर और विपिन परमार की अकेले में भी बात हुई। जयराम ठाकुर करीब 40 मिनट तक यामिनी होटल में रुके। दुबई से पालमपुर पहुंचे शांता कुमार का जयराम ने हालचाल जाना। शांता कुमार ने जयराम ठाकुर से प्रदेश में चल रही सियासी गतिविधियों की भी जानकारी ली। शांता कुमार को अपना सियासी गुरु मानने वाले जयराम ठाकुर धर्मशाला जाने से पहले यामिनी पहुंचे। उन्होंने शांता कुमार का आशीर्वाद भी लिया। इस बीच तीनों नेताओं के बीच पार्टी में चल रहे कार्यक्रमों और अगली रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। 16 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सीपीएस मामले की होने वाली सुनवाई पर भी चर्चा की। शांता कुमार करीब ढाई माह दुबई में रहने के बाद पालमपुर पहुंचे हैं।