'ये सरकार लोगों का खून चूसकर मित्रों को पिला रही घी'
जयराम ठाकुर ने कहा कि हैरानी जताते हुए कहा कि ये कैसी सरकार है जिसे पहले हमारी सरकार में जनता की मांग पर खोले गए संस्थानों को बंद करने का जुनून सवार हो गया था और अब जनता को दी गईं रियायतें छीनने का भूत सवार हो गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि ये सरकार इसी तरह लोगों का खून चूसकर अपने मित्रों को घी पिलाती रही तो वे चुप नहीं बैठेंगे और सड़कों पर उतर कर इस सरकार के हर उस फैसले का विरोध किया जाएगा तो जनता के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने भी लोगों से गैस पर सब्सिडी छोड़ने का आह्वान किया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोगों द्वारा स्वेच्छा से ये सब्सिडी छोड़ने के बाद उज्ज्वला जैसी महत्वाकांक्षी योजना शुरू कर पूरे देश में गृहणियों को धुएं से मुक्त कर दिया, लेकिन यहां एक ये झूठी सरकार है जो जनता को राहत देने के बजाय मित्रों को घी पिला रही है।
'जनता आने वाले दिनों में सिखाएगी सबक'
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को तंज कसते हुए कहा कि आपको सिर्फ जनता को दी रियायतें पूर्व सरकार दी हुई रेबड़ी लगती हैं, लेकिन अपनी सरकार बचाने के लिए जो आपने ढाई-ढाई लाख प्रति माह सैलरी के कैबिनेट रैंक रातोंरात बांटे वो सब्सिडी दिखाई दे रही है क्या? उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री अपने मित्रों को बांटी जा रही करोड़ों रुपए की धनराशि को नजरअंदाज कर सिर्फ जनता को दी रियायतें छीनने पर आतुर हो उसका हाल जनता आने वाले दिनों में क्या करने वाली है वो उन्हें मालूम हो ही जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तो सिर्फ केंद्रीय सहयोग से ही ये सरकार चल रही है, लेकिन अगर इन्होंने ऐसे ही जनता के साथ विश्वासघात का क्रम जारी रखा तो जनता ही इन्हें आने वाले कुछ दिनों में सबक सिखाएगी।