'मुख्यमंत्री बने हुए हैं अर्थशास्त्री'
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिस मुख्यमंत्री ने दो साल के अल्प काल में ही 30 हजार करोड़ का लोन ले लिया हो वो अगले तीन साल कितना और लोन लेकर प्रदेश को कर्जे के बोझ तले डूबा देगा ये अनुमान अभी से लगाया जा सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आजकल ऐसे अर्थशास्त्री बने हुए हैं जैसे उनसे ज्यादा पढ़ा लिखा दूसरा कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि आप मेहरबानी करके रोज की ऐसी ब्यानबाजी से परहेज कर विकास पर ध्यान दें। हमारा प्रदेश आपके व्यवस्था परिवर्तन के चलते दस वर्ष पीछे जा चुका है। आपका आर्थिक कुप्रबंधन आज प्रदेश को अन्य राज्यों की तुलना में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा गया है जिसे उभरने के दशकों लग जाएंगे। आपकी ये व्यवस्था परिवर्तन की हठधर्मिता प्रदेश को कंगाल बना देगी। आज मात्र पहले दो साल में ही हर वर्ग सरकार से खफा हो चुका है। बिजली बोर्ड कर्मचारी आज आपके बेतुके फैसलों से सड़कों पर उतर चुका है और पेंशनरों ने पहले ही मोर्चा खोल रखा है।
'बेरोजगार युवा हताश और निराश है'
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सचिवालय कर्मचारी वर्ग आपकी दमनकारी नीतियों के खिलाफ पहले ही आंदोलनरत हैं। सरकारी नौकरी के इंतजार में बैठा बेरोजगार आपके डेढ़ लाख खाली पड़े पदों को खत्म कर देने के बाद हताश और निराश है, जबकि आपने हर वर्ष एक लाख सरकारी नौकरी देने की गारंटी दी थी। ऐसे हालात बने हुए हैं कि आज तक किसी भी सरकार के खिलाफ शुरुआती दो वर्षों में ही इतना विरोध कभी नहीं हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री ज्वालाजी में भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश के संगठन महामंत्री एवं भाजपा हिमाचल के पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा के घर पहुंचे थे और वहां उनके बड़े भाई चंद्र राणा के दुःखद निधन के उपरांत परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। इस दौरान उनके साथ स्थानीय नेता भी उपस्थित रहे।