200 किमी दूरी से भी देवता पहुंचे
दशहरा के लिए 200 किमी दूर से आने वाले देवताओं में चंभू, शरशाई नाग, सप्तऋषि, देवता खुडीजल, व्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग, शृंगा ऋषि, बालू नाग, शेषनाग बंजार, माता बूढ़ी नागिन, मनु ऋषि, चोतरू, शमशरी महादेव, बिशलू नाग व जोगेश्वर महादेव शामिल हैं। माता हिडिंबा कुल्लू के रामशिला व बिजली महादेव सुल्तानुपर पहुंच गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1,400 जवान तैनात रहेंगे। ड्रोन के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रहेगी।
देश के साथ दिखेगी विदेशी संस्कृति
दशहरा में करीब 25 देशों के कलाकार भाग ले रहे हैं। इसमें इंडोनेशिया, थाईलैंड, उज्बेकिस्तान, म्यांमार, रूस, अमेरिका और किर्गिस्तान के कलाकार भाग लेंगे। वहीं, आईसीसीआर का संयुक्त सांस्कृतिक दल भी प्रस्तुति देगा। वहीं उतराखंड, असम, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के सांस्कृतिक दल भी दशहरा में अपने कार्यक्रम देंगे। रात्रि सांस्कृतिक कार्यक्रम में शाहिद माल्या, कुलविंदर बिल्ला, ट्रेप बैंड, शारदा पंडित, हिमालयन रूट्स, गुरनाम भुल्लर, कुमार साहिल, नीरज श्रीधर और बांबे वाइकिंग जैसे कलाकार और बैंड उत्सव में लोगों का मनोरंजन करेंगे। सीपीएस सुंदर ठाकुर ने कहा कि दशहरा उत्सव में कई विदेशी राजदूतों के शामिल होंगे और 18 अक्तूबर को सीएम के साथ चर्चा करेंगे।