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Shimla: एचआरटीसी पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति का आंदोलन स्थगित, मांगें नहीं मानीं तो 18 से फिर शुरू करेंगे

Tue, 16 Jun 2026 07:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

एचआरटीसी पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने अपनी मांगों को लेकर 18 जून से परिवार सहित एचआरटीसी मुख्यालय में धरना शुरू करने के अपने आंदोलन को स्थगित कर दिया है।
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एचआरटीसी पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी ) पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने अपनी मांगों को लेकर 18 जून से परिवार सहित एचआरटीसी मुख्यालय में धरना शुरू करने के अपने आंदोलन को स्थगित कर दिया है। मंगलवार को राजधानी शिमला के पुराना बस अड्डे में स्थित निगम मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए समिति के महासचिव राजेंद्र ठाकुर, मीडिया प्रभारी बृज लाल ठाकुर, देवेंद्र चौहान, केसी चौहान, भवानी शंकर, रमेश चंद पदाधिकारियों ने यह बात कही। समिति ने इन पदाधिकारियों ने कहा कि इस संदर्भ में परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को एक पत्र सौंपा है। इसमें कहा गया है कि पेंशनर्स की मांगों को मनवाने के लिए 18 जून से मुख्यालय घेराव के निर्णय को स्थगित किया गया है।

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राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि एक जून को पेंशनर्स ने मुख्यालय घेराव करने को लेकर नोटिस दिया था। 7 जून को मुख्यमंत्री और प्रधान सचिव वित्त के साथ हुई संघ के पदाधिकारियों की बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बनी, मगर अन्य मांगों पर कोई फैसला नहीं लिया गया। मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी कर्मचारियों के मेडिकल बिलों के भुगतान को 20 करोड़ जारी करने, हर माह पेंशनर्स को 7 से 10 जून के बीच पेंशन खातों में जमा किए जाने का फैसला भी हुआ था। 16 जून बीत जाने पर अभी तक पेंशनर्स के खातों में पेंशन जमा नहीं हुई है। इस पर पेंशनर्स संघर्ष समिति ने फैसला लिया था कि मांगें पूरी न हुई तो, 18 जून से पेंशनर्स अपने अभिभावकों के साथ धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।
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समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि मांगें पूरी न की गई तो समिति दस जुलाई 2026 से फिर से आंदोलन शुरू करेगी। राजेंद्र ठाकुर ने मांग उठाई कि 7 जून को मुख्यमंत्री और प्रधान सचिव के साथ हुई बैठक की लिखित कार्रवाई संयुक्त संघर्ष समिति को उपलब्ध करवाई जाए। एक माह के भीतर अन्य मांगों पर चर्चा करने और समाधान निकालने के लिए मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाई जाए। पिछली बैठक में मानी गई सभी मांगों, समय से पेंशन भुगतान, मेडिकल बिलों को भुगतान करने, के साथ ही सभी मांगें 10 जुलाई तक हर हाल में पूरी की जाएं। यदि ऐसा न किया गया तो पेंशनर आंदोलन शुरू कर देंगे। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि इन मांगों की प्रति को निजी सचिव, मुख्यमंत्री, निजी सचिव, उपमुख्यमंत्री मुख्य सचिव (परिवहन),प्रधान सचिव (वित्त), उपायुक्त शिमला, पुलिस अधीक्षक जिला शिमला को भी प्रेषित किया गया है।
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