सोमवार दोपहर दो बजे पौंग बांध का जलस्तर 1393.05 फीट और इनफ्लो 1,10,026 क्यूसिक दर्ज हुआ। बांध का जलस्तर खतरे के निशान से तीन फीट अधिक रहा। मंगलवार को प्रदेश के छह जिलों बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। सोमवार शाम तक प्रदेश में 490 सड़कें, 352 बिजली ट्रांसफार्मर और 163 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। प्रदेश में बदले मौसम के बीच सुबह और शाम के समय ठंडक भी बढ़ गई है।
राजधानी शिमला में दिनभर बादल छाए रहे। दोपहर के समय बूंदाबांदी भी हुई। कुछ देर हल्की धूप भी खिली। कांगड़ा जिले में सोमवार सुबह हल्की धूप खिली। गगल एयरपोर्ट पर सभी नियमित उड़ानें पहुंचीं। दोपहर बाद धर्मशाला सहित जिले के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। चंबा में भरमौर-पठानकोट हाईवे नैनीखड्ड और तुन्नुहट्टी के समीप भारी भूस्खलन और पेड़ों के गिरने के कारण 13 घंटे यातायात के लिए बंद रहा। हाईवे बंद होने के कारण दोपहर बाद तक जिला मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्रों में दैनिक उपयोग की वस्तुएं तक नहीं पहुंच पाईं। ऊना जिले में सोमवार सुबह के समय हल्की बारिश हुई। इससे बंगाणा इलाके में खेतों में नमी ज्यादा होने से आलू की बिजाई का कार्य रुक गया है।
अन्य इलाकों में 15 से 20 मिनट की बारिश के बाद मौसम साफ होने पर किसानों को आलू बिजाई के लिए पर्याप्त समय मिला। मौसम साफ होने के बाद लोगों को दोबारा गर्मी का अहसास होने लगा है। दोपहर के समय लोग गर्मी से बचते नजर आए। कुल्लू में मौसम साफ रहा। जिले में बंद सड़कों, बिजली व पानी की मूलभूत सुविधाओं को पटरी पर लाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के कुछ भागों में 21 सितंबर तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। रविवार रात को जोगिंद्रनगर में 56.0, पालमपुर में 48.0, पंडोह में 40.0, कांगड़ा में 34.0, नगरोटा सूरियां में 30.0, मंडी में 27.5, सराहन में 18.5, मुरारी देवी में 18.2, भरेड़ी में 17.6 और करसोग में 17.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।