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Himachal News: नादौन में बनेगा प्रदेश का पहला एकीकृत एक्वा पार्क, 25 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण

Wed, 05 Nov 2025 07:20 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, कांगू (हमीरपुर)।

सार

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन में 25 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित किया जाएगा। यह पार्क न केवल रोजगार और स्वरोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया माध्यम भी बनेगा। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। हमीरपुर जिले के नादौन में 25 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत एक्वा पार्क स्थापित किया जाएगा। परियोजना के लिए भूमि देख ली गई है। आईसीएआर-सीआईएफए भुवनेश्वर की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार कर ली गई है। सरकार का यह महत्वाकांक्षी कदम प्रदेश में मत्स्य पालन क्षेत्र को एक लाभदायक और टिकाऊ उद्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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यह पार्क न केवल रोजगार और स्वरोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया माध्यम भी बनेगा। यह एकीकृत एक्वा पार्क अत्याधुनिक फ्रेश वाटर एक्वा कल्चर तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने का केंद्र बनेगा। परियोजना के अंतर्गत मछली बीज उत्पादन, आहार निर्माण, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और विपणन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे किसानों और युवाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पार्क उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, जिससे स्थानीय किसान मछली उत्पादन बढ़ाने में सक्षम होंगे। पार्क में मछली आहार निर्माण इकाई, प्रदर्शन इकाइयां और व्यावहारिक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जहां बेरोजगार युवाओं को उन्नत मत्स्य पद्धतियों का प्रशिक्षण मिलेगा।

इन प्रजातियों पर होगा ध्यान केंद्रित
एकीकृत एक्वा पार्क में विभिन्न मछली प्रजातियों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारतीय मेजर कार्प, जयंती रोहू, अमृत कतला, मृगल, विदेशी कार्प हंगेरियन और अमूर स्ट्रेन माइनर कार्प कुलवांस, कैटफिश पंगेसियस, मुर्रेल, सजावटी मछलियां गोल्ड फिश, कोई कार्प, गप्पी, मौली के बीज के उत्पाद पर ध्यान केंद्रित होगा।
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उच्च स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा पार्क
पार्क में आधुनिक हैचरी, नर्सरी, ब्रूड स्टॉक पालन केंद्र, बायोफ्लोक और रीसर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) जैसी आधुनिक जलीय प्रणालियां स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा फीड मिल, सजावटी मछली पालन इकाई, सार्वजनिक एक्वेरियम, विपणन और इनक्यूबेशन केंद्र, प्रशासनिक-सह-प्रयोगशाला भवन, क्वारंटीन प्रयोगशाला और अपशिष्ट उपचार संयंत्र जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मत्स्य पालन क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों के बीच आधुनिक मछली उत्पादन पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जाए।
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