गुम्मा में गाद से भरे टैंक साफ करते कर्मचारी।
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प्रदेशभर में भारी बारिश के कारण बिजली बोर्ड समेत प्रदेश की लगभग सभी जलविद्युत परियोजनाओं में गाद आने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। बिजली उत्पादन में करीब 650 मेगावाट की अनुमानित कमी दर्ज की गई है। वास्तविक समय बाजार में भी पर्याप्त बिजली की अनुपलब्धता हो गई है। बिजली बोर्ड को प्रदेश की आवश्यकता पूरी करने के लिए अब ग्रिड से सप्लाई खरीदनी पड़ रही है। ऐसे में अब प्रदेश में बिजली की कमी के चलते अघोषित कट भी लग सकते हैं। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
अतिरिक्त बिजली खरीदने के लिए होना पड़ रहा मजबूर
बिजली बोर्ड के प्रवक्ता अनुराग पराशर ने बताया है कि वास्तविक समय बाजार में पर्याप्त बिजली की अनुपलब्धता ने इस समस्या और भी जटिल बनाते हुए इस संबंध में बिजली उपलब्धता की मंजूरी को भी अप्रत्याशित रूप से सीमित कर दिया है। रियल टाइम मार्केट में 1500 मेगावाट की बोली के मुकाबले केवल 100-200 मेगावाट ही मंजूर हो पा रही है। रियल टाइम मार्केट से प्रदेश केवल 9.06 लाख यूनिट बिजली ही प्राप्त कर पा रहा है। परिणामस्वरूप बोर्ड को बिजली आपूर्ति मांग पूरी करने के लिए ग्रिड से लगभग 700 मेगावाट (12.47 एलयू) अतिरिक्त बिजली खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा है।