शिंकुला दर्रा बहाल करने में जुटी मशीनरी।
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मनाली को लेह-लद्दाख की जांस्कर घाटी से जोड़ने वाला शिंकुला दर्रा बहाल हो गया है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। समुद्रतल से 16,580 फीट की ऊंचाई पर स्थित शिंकुला दर्रा से होकर गुजरने वाली दारचा-पदम-नीमू सड़क से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बर्फ को हटा दिया है। हालांकि यह मार्ग अभी वाहनों के लिए आधिकारिक तौर पर नहीं खुला है। बताया जा रहा है कि बीआरओ इसी सप्ताह दारचा-शिंकुला दर्रा से होकर लेह के लिए वाहनों को हरी झंडी दे सकता है।
बर्फबारी के कारण 20 फरवरी को शिंकुला दर्रा से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी। लेकिन बीआरओ ने इससे पहले ही शिंकुला दर्रा को आधिकारिक तौर पर ट्रैफिक के लिए दर्रा बंद कर दिया था। अब ठीक एक माह 11 दिन बाद इस माह को फिर बहाल कर दिया गया है। सरचू होकर मनाली-लेह सड़क के बजाय फिलहाल पर्यटक अब वाया जांस्कर होकर लेह पहुंच सकेंगे। शिंकुला दर्रा बहाल होने के साथ लेह, जांस्कर के साथ लाहौल में भी पर्यटन कारोबार ने तेजी आएगी। दरअसल, लद्दाख की तरफ निकलने वाले अधिकतर सैलानी एक दिन लाहौल के केलांग और जिस्पा ठहरते हैं। इससे घाटी में पर्यटन कारोबार को गति मिलती है।