मुख्यमंत्री कहते हैं कि पूर्व सरकार ने प्रदेश के संसाधनों की रेवड़ियां बांट दीं। आयुष्मान, सहारा शगुन, उज्ज्वला, कन्यादान, बेटी है अनमोल, स्वावलंबन, जनमंच, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाएं चलाईं। इसे सरकार रेवड़ी कहती है। लोगों का जीवन बचाना, इलाज के साधन उपलब्ध करवाना रेवड़ी बांटना नहीं कहलाता है। यह सरकार का फर्ज है। प्रदेश के लोगों के लिए योजनाएं बनाईं, सिर्फ मित्रों के लिए सरकार नहीं चलाई। व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार की प्राथमिकता जनहित के बजाय समोसा और मुर्गा की जांच कर रही है। सुक्खू सरकार प्रदेश के विकास और जनहित के संस्थानों पर लगातार ताले लगा रही है। जयराम ठाकुर बालीचौकी के अन्य क्षेत्रों में भी गए और लोगों से मुलाकात की। इसी दौरान वह ग्राम गुराण भी गए और अंजना ठाकुर के दुखद निधन पर परिजनों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।