इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं चिकित्सालय (आईजीएमसी) शिमला में स्क्रब टाइफस से एक और महिला मरीज की मौत हो गई। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने इसकी पुष्टि की। अब तक आईजीएमसी में 56 मामले आ चुके हैं।
अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार 74 वर्षीय चंपा देवी पत्नी केवल राम निवासी गांव भरेरी धार डाकघर कोटगढ़ तहसील कुमारसैन को 22 अगस्त को महिला मेडिसिन वार्ड के आईसीयू में भर्ती किया था। जांच में सैप्सिस मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम पाया गया। परीक्षण में यह भी स्पष्ट हुआ कि उन्हें स्क्रब टाइफस था। लगातार उपचार के बावजूद मरीज की हालत गंभीर बनी रही और 25 अगस्त की शाम 6 बजकर 40 मिनट पर अचानक कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट यानी हृदय तथा श्वसन गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई। यह इस सीजन में आईजीएमसी शिमला में स्क्रब टाइफस से होने वाली दूसरी मौत है।
इससे पहले रोहड़ू निवासी 34 वर्षीय सरोज की भी स्क्रब टाइफस के कारण मौत हो गई थी। दोनों ही मामले ऊपरी शिमला के हैं। आईजीएमसी में अब तक 176 सैंपल की जांच की गई है, जिनमें से 56 पॉजिटिव आए हैं। इनमें से अब तक दो मरीजों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सक लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि बरसात के मौसम में यह बीमारी तेजी से फैलती है और समय पर उपचार न मिलने पर घातक सिद्ध होती है। डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते मरीज अस्पताल पहुंचे तो एंटीबायोटिक उपचार से बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।